बेंगलुरु और मैसूर का शैक्षिक भ्रमण: ओ. पी. जिंदल स्कूल, रायगढ़ के छात्रों ने किया विज्ञान, अनुसंधान और विरासत का अनूठा संगम
बेंगलुरु और मैसूर का शैक्षिक भ्रमण: ओ. पी. जिंदल स्कूल, रायगढ़ के छात्रों ने किया विज्ञान, अनुसंधान और विरासत का अनूठा संगम
रायगढ़ । ओ. पी. जिंदल स्कूल, रायगढ़ द्वारा 18 से 25 अक्टूबर 2026 तक कक्षा 11वीं (विज्ञान संकाय) के
28 छात्रों के लिए बेंगलुरु और मैसूर के एक विशेष शैक्षिक भ्रमण का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
प्रधानाचार्य आर. के. त्रिवेदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रोत्साहन के अंतर्गत आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य
छात्रों को विज्ञान, अनुसंधान और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराना था।
यात्रा का प्रमुख आकर्षण यूआरएससी–इसरो (URSC–ISRO) केंद्र का भ्रमण रहा, जहाँ छात्रों ने भारतीय उपग्रहों
के प्रायोगिक मॉडल देखे और अंतरिक्ष विज्ञान व प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश की गौरवशाली उपलब्धियों को
करीब से समझा। इसके अतिरिक्त, छात्रों ने भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम
इंजीनियरिंग विभाग का दौरा किया। यहाँ शोधार्थियों ने छात्रों के साथ अपने चल रहे शोध कार्यों को साझा किया
और उन्हें इलेक्ट्रॉनिक्स के व्यावहारिक उपयोगों से परिचित कराते हुए वैज्ञानिक अनुसंधान को एक बेहतरीन
करियर विकल्प के रूप में चुनने के लिए प्रेरित किया। विश्वेश्वरैया औद्योगिक एवं तकनीकी संग्रहालय के
भ्रमण ने व्यावहारिक प्रदर्शनों के जरिए छात्रों की वैज्ञानिक समझ को और अधिक सुदृढ़ किया।
इस भ्रमण में सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को भी प्रमुखता दी गई। छात्रों ने मैसूर पैलेस, टीपू सुल्तान
का समर पैलेस, चामुंडी हिल्स व चामुंडेश्वरी मंदिर, सेंट फिलोमेना चर्च और मैसूर सैंड स्कल्पचर म्यूज़ियम (रेत
मूर्तिकला संग्रहालय) का दौरा किया, जिससे उन्हें भारत की अद्भुत स्थापत्य कला और ऐतिहासिक विरासत को
करीब से जानने का अवसर मिला।
छात्रों का मार्गदर्शन और देखरेख विद्यालय के शिक्षक श्री आकाश कुमार, श्री कुणाल लखानी, श्रीमती रीमा
पटेल और सुश्री मान्यालीशा गुप्ता द्वारा किया गया। यह भ्रमण सर्वांगीण शिक्षा के प्रति विद्यालय की
प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सांस्कृतिक जागरूकता का बेहतरीन समन्वय देखने
को मिला।