Raigarh: कलार्पणा एन्सेम्बल की भरतनाट्यम प्रस्तुति के साथ चौथे दिन के कार्यक्रमों का हुआ समापन, भाव, लय और ताल के सुंदर मेल से कलाकारों ने प्रस्तुत किया भरतनाट्यम
Raigarh: कलार्पणा एन्सेम्बल की भरतनाट्यम प्रस्तुति के साथ चौथे दिन के कार्यक्रमों का हुआ समापन, भाव, लय और ताल के सुंदर मेल से कलाकारों ने प्रस्तुत किया भरतनाट्यम
रायगढ़, चक्रधर समारोह के चौथे दिन की अंतिम प्रस्तुति कलार्पणा एन्सेम्बल ने भरतनाट्यम की दी। कलाकारों ने भाव, लय और ताल के साथ भरतनाट्यम की सुंदर प्रस्तुति दी। नृत्य की विभिन्न मुद्राओं और भावपूर्ण अभिनय के जरिए कलाकारों ने दर्शकों के सामने शास्त्रीय नृत्य की खूबसूरती प्रस्तुत की। प्रस्तुति में श्रीविद्या शैलेश, श्रीचित्रा नायर, श्रीमती आशा रेमाकुमारी, वृंदा पार्थसारथी, कुमारी सुव्रथा जगन, कुमारी सुदीप्ता और कुमारी अमृता शामिल रहीं। कलाकारों की प्रस्तुति के साथ चक्रधर समारोह के चौथे दिन की सांस्कृतिक संध्या का समापन हुआ।
कलार्पणा एन्सेम्बल पद्म भूषण से सम्मानित गुरु शोभना के शिष्यों का समूह है। गुरु शोभना, पद्म श्री से सम्मानित श्रीमती चित्रा विश्वेश्वरन की शिष्या हैं। एन्सेम्बल के कलाकारों ने भरतनाट्यम की वझुवूर परंपरा में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। कलार्पणा एन्सेम्बल के कलाकार भारत के साथ विदेशों में भी कई प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजनों में प्रस्तुति दे चुके हैं। कलाकार गुरु शोभना के ‘माया रावण’, ‘कृष्ण’, ‘ट्रांस’, ‘तिरुचित्रांबलम’ और ‘भाव’ जैसे नृत्य प्रोडक्शनों में भी अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं।