Raigarh: दिल्ली की मऊमाला नायक ने कथक की भाव-भंगिमाओं से चक्रधर समारोह में बांधा समां, गणेश वंदना से लेकर चतुरंग और धमार की पारंपरिक बंदिशों तक दिखी कथक की विविध छटा

रायगढ़ September 17, 2026 रिपोर्टर: raigarh top news
Raigarh: दिल्ली की मऊमाला नायक ने कथक की भाव-भंगिमाओं से चक्रधर समारोह में बांधा समां, गणेश वंदना से लेकर चतुरंग और धमार की पारंपरिक बंदिशों तक दिखी कथक की विविध छटा

Raigarh: दिल्ली की मऊमाला नायक ने कथक की भाव-भंगिमाओं से चक्रधर समारोह में बांधा समां, गणेश वंदना से लेकर चतुरंग और धमार की पारंपरिक बंदिशों तक दिखी कथक की विविध छटा

 

रायगढ़ 17  सितम्बर 2026/ 41 वें चक्रधर समारोह की तीसरी सांस्कृतिक संध्या सुर, ताल और लय के मनोहारी संगम से सजी। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे कलाकारों ने नृत्य और संगीत की विविध विधाओं की शानदार प्रस्तुतियां दीं। इसी क्रम में दिल्ली की प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना मऊमाला नायक ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों और मनमोहक भाव-भंगिमाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मऊमाला नायक ने अपने दल की साथी नृत्यांगनाओं नीतू कुमारी, निशा रॉय, अर्चना शर्मा एवं विदुषी सिंह के साथ विघ्नहर्ता भगवान श्रीगणेश की वंदना से प्रस्तुति का शुभारंभ किया। इसके बाद भाव-अभिनय के माध्यम से तुलसीदास एवं रत्नावली की भावपूर्ण कथा को कथक की अभिव्यक्ति में प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में चतुरंग की प्रस्तुति ने भी विशेष आकर्षण पैदा किया। राग मालगुंजी और तीनताल पर आधारित इस प्रस्तुति में सरगम, नृत्य, तराना और वाद्य के बोल का सुंदर एवं संतुलित समावेश देखने को मिला। इसके पश्चात कथक के शुद्ध तकनीकी पक्ष को उजागर करते हुए 14 मात्राओं की धमार ताल में उठान, तिपल्ली आमद, चक्रदार तोड़ा, सादा परन, तिहाई और बांट जैसी कठिन एवं पारंपरिक बंदिशों की प्रस्तुति दी गई। नृत्य की सधी हुई लयकारी, भाव-भंगिमाओं और पद संचालन ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।

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