CG News: म्यूल बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी का नेटवर्क बेनकाब, 6 आरोपी गिरफ्तार, कमीशन के बदले उपलब्ध कराते थे बैंक खाते, 25 दिनों में खाते से हुआ 2.20 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन

छत्तीसगढ़ September 10, 2026 रिपोर्टर: raigarh top news
CG News: म्यूल बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी का नेटवर्क बेनकाब, 6 आरोपी गिरफ्तार, कमीशन के बदले उपलब्ध कराते थे बैंक खाते, 25 दिनों में खाते से हुआ 2.20 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन

CG News: म्यूल बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी का नेटवर्क बेनकाब, 6 आरोपी गिरफ्तार, कमीशन के बदले उपलब्ध कराते थे बैंक खाते, 25 दिनों में खाते से हुआ 2.20 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन

 

बिलासपुर। बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस ने साइबर वित्तीय अपराधों में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान आरोपियों से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से 50 साइबर अपराध संबंधी शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों में करीब 4 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित जानकारी मिली है।

पुलिस के मुताबिक आरोपी कमीशन के लालच में बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को जमा करने, दूसरे खातों में ट्रांसफर करने और ऑनलाइन वित्तीय अपराधों में किया जाता था।

25 दिनों में खाते से हुआ 2.20 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन

मामले की शुरुआत छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, मंगला शाखा में संचालित एक खाते में बड़ी मात्रा में संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिलने के बाद हुई। जांच में सामने आया कि अजय फार्म हाउस के नाम से संचालित बैंक खाते में 18 मई से 12 जून 2026 के बीच महज 25 दिनों में 2 करोड़ 20 लाख 68 हजार 443 रुपये की संदिग्ध राशि का लेन-देन हुआ।

बैंक स्टेटमेंट, अकाउंट ओपनिंग फॉर्म, KYC दस्तावेज और अन्य बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच के बाद पुलिस को खाते के साइबर वित्तीय अपराध में इस्तेमाल होने के महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद बैंकिंग ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर, विभिन्न बैंक खातों और आरोपियों के आपसी संपर्कों का तकनीकी विश्लेषण किया गया।

ये 6 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में अजय कुमार सोनी (36), निवासी तखतपुर; अभिलाष कुमार डेनियल उर्फ चिंटू (49), निवासी जरहागांव; भास्कर कश्यप (42), निवासी बिलासपुर; नरेन्द्र कुर्रे (35), निवासी बाराद्वार, जिला सक्ती; आशीष तिवारी (36), निवासी कोरबा और देवेश कुमार दास उर्फ रोबिन (26), निवासी रायपुर को गिरफ्तार किया है।

कमीशन के बदले उपलब्ध कराते थे बैंक खाते

जांच में सामने आया कि आरोपी अजय कुमार सोनी ने अजय फार्म हाउस के नाम से बैंक खाता खुलवाया था और नेट बैंकिंग के लिए मोबाइल नंबर लिंक कराया था। आरोप है कि उसने खाते और उससे संबंधित जानकारी अन्य लोगों को उपलब्ध कराई तथा इसके बदले कमीशन लिया। उसके खाते में 2.20 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन मिला है।

अभिलाष कुमार डेनियल उर्फ चिंटू की भूमिका बैंक खाता उपलब्ध कराने के लिए संपर्क स्थापित कराने और कमीशन लेने में सामने आई। पुलिस के अनुसार उसे इस काम के बदले 20 हजार रुपये कमीशन मिला था।

भास्कर कश्यप ने अजय कुमार सोनी के कहने पर बैंक खाता खुलवाया था। उसे बताया गया था कि खाते का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी से जुड़े लेन-देन के लिए किया जाएगा और इसके बदले उसे 20 हजार रुपये कमीशन मिलेगा।

नरेन्द्र कुर्रे बैंक खातों की व्यवस्था करने और खाताधारकों को साइबर अपराध से जुड़े लोगों से जोड़ने में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने आया। पुलिस के अनुसार खातों से होने वाले लेन-देन के आधार पर खाताधारकों को करीब 2.8 प्रतिशत कमीशन देने की बात कही जाती थी।

आशीष तिवारी ने नरेन्द्र कुर्रे के कहने पर बैंक खाता खुलवाकर ऑनलाइन फ्रॉड के लिए उपलब्ध कराया। जांच में उसके खाते के बदले 25 हजार रुपये कमीशन मिलने की जानकारी सामने आई है।

वहीं देवेश कुमार दास उर्फ रोबिन पर उपलब्ध कराए गए बैंक खातों में आवश्यक एप्लीकेशन डाउनलोड कर उन्हें ऑनलाइन फ्रॉड की गतिविधियों में इस्तेमाल करने में भूमिका निभाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार उसने आशीष तिवारी के मोबाइल में भी आवश्यक एप्लीकेशन डाउनलोड किए थे।

11 राज्यों सहित कई राज्यों से 50 शिकायतें

तकनीकी और बैंकिंग जांच में आरोपियों के खातों के खिलाफ अलग-अलग राज्यों से साइबर वित्तीय अपराध की शिकायतें सामने आई हैं। इनमें अजय कुमार सोनी के खाते के विरुद्ध 21, भास्कर कश्यप के खाते के विरुद्ध 24, नरेन्द्र कुर्रे के खाते के संबंध में 2 तथा आशीष तिवारी के खाते के संबंध में 3 शिकायतें मिली हैं।

इन शिकायतों का संबंध चंडीगढ़, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, कर्नाटक, ओडिशा, राजस्थान, झारखंड, मध्यप्रदेश, बिहार, दिल्ली, गोवा, गुजरात और हिमाचल प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से है।

पुलिस के अनुसार इन 50 शिकायतों में करीब 4 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित जानकारी सामने आई है। इन मामलों की विस्तृत जांच की जा रही है।

क्या होता है म्यूल बैंक अकाउंट?

पुलिस जांच में सामने आया कि साइबर अपराधी आम लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते हैं। इसके बाद इन खातों की बैंकिंग जानकारी, मोबाइल नंबर, एटीएम कार्ड या अन्य साधनों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने में किया जाता है। ऐसे खातों को सामान्य तौर पर म्यूल बैंक अकाउंट कहा जाता है।

पुलिस अब आरोपियों के बीच संपर्क, बैंक खातों के लेन-देन, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण कर रही है। मामले में साइबर अपराध से जुड़े अन्य व्यक्तियों और बैंक खातों की भी जांच जारी है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई

पूरी कार्रवाई बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग और बिलासपुर पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा नोडल अधिकारी गगन कुमार के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में रेंज साइबर थाना प्रभारी प्रसाद सिन्हा, कामिल हक सहित साइबर थाना के समस्त स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

खबर शेयर करें: