अब इन जगहों पर चल रहे प्राइवेट स्कूलों की मान्यता खतरे में, एक कैम्पस में दो बोर्ड का खेला नहीं चलेगा,एक पाली में लगेगी क्लास, 6 घंटे की टीचिंग जरुरी
अब इन जगहों पर चल रहे प्राइवेट स्कूलों की मान्यता खतरे में, एक कैम्पस में दो बोर्ड का खेला नहीं चलेगा,एक पाली में लगेगी क्लास, 6 घंटे की टीचिंग जरुरी
रायपुर 09 सितंबर 2026| छत्तीसगढ़ सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी,संचालन और मान्यता को लेकर जरुरी मापदंड तय कर दिया है। नियमों व मापदंडों पर नजर डालें तो अब प्राइवेट स्कूल का संचालन आसान नहीं होने वाला है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सत्र 2026-27 से मान्यता के नियम सख्त कर दिए हैं।
नए प्रावधानों के तहत एक क्लासरूम का न्यूनतम क्षेत्रफल 300 वर्गफीट होना चाहिए और प्रत्येक विद्यार्थी के लिए कम से कम 6 वर्गफीट जगह जरूरी होगी। एक कमरे में अधिकतम 45 विद्यार्थी ही बैठ सकेंगे। संख्या बढ़ने पर नया सेक्शन और उसके लिए अलग कमरा जरूरी होगा। स्कूल एक ही पाली में चलेगा और इसकी अवधि कम से कम 6 घंटे होगी। एक ही परिसर या भवन में छत्तीसगढ़ बोर्ड के साथ CBSE जैसे दूसरे बोर्ड की कक्षाएं संचालित नहीं की जा सकेंगी। हिंदी और अंग्रेजी माध्यम को भी अलग स्कूल माना जाएगा।
अंग्रेजी माध्यम के लिए अलग भवन, भूमि, खेल मैदान, प्राचार्य, स्टाफ और स्कूल कोड रखना होगा। वहीं फ्लैट, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और निर्माणाधीन भवनों में चल रहे स्कूलों को मान्यता नहीं मिलेगी। खास बात यह है कि अब स्कूल संचालकों को इन मानकों का स्वप्रमाणन देना होगा। गलत जानकारी मिलने पर मान्यता तत्काल निलंबित या रद्द की जा सकेगी।
इन जगहों पर बने स्कूल भवन को नहीं मिलेगी मान्यता
वनभूमि, घासभूमि, शासकीय या अतिक्रमित जमीन पर बने स्कूलों को भी सक्षम प्राधिकारी का वैध आवंटन होने पर ही मान्यता मिलेगी। निरीक्षण के दौरान स्कूल भवन की वीडियोग्राफी रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी। बिना मान्यता हाईस्कूल या हायर सेकेंडरी की कक्षाएं चलाना दंडनीय होगा। मान्यता रहे का आवेदन मापदंड पूरे नहीं होने के कारण खारिज होने पर वहां पढ़ रहे कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को नजदीकी शासकीय स्कूल से टैग किया जाएगा, ताकि उनकी परीक्षा प्रभावित न हो।
फीस और सुरक्षा पर भी निगरानी
फीस का निर्धारण स्कूल प्रबंधन एवं विकास समिति की बैठक में नोडल प्राचार्य की मौजूदगी में होगा। स्कूल को बीच सत्र में बंद करने की अनुमति नहीं होगी। हाईस्कूल को 10वीं और हायर सेकेंडरी को 12वीं की परीक्षा के बाद ही बंद किया जा सकेगा। इसके अलावा पेयजल, अलग-अलग शौचालय, सीसीटीवी, वाहन चालकों का पुलिस सत्यापन और वाहनों की सालाना तकनीकी जांच अनिवार्य होगी। मान्यता प्राप्त स्कूलों में लीगल लिटरेसी क्लब और लीगल एड क्लीनिक की स्थापना भी जरूरी होगी।
हाईस्कूल में 13 और हायर सेकेंडरी में 10 पद जरूरी
हाईस्कूल के लिए प्राचार्य, 6 व्याख्याता, लेखापाल, सहायक ग्रेड-3, भृत्य, चौकीदार, अंशकालीन स्वीपर और सहायक शिक्षक विज्ञान सहित कुल 13 पदों सेटअप तय किया गया है। हायर सेकेंडरी में प्राचार्य, व्याख्याता, ग्रंथपाल, लैब असिस्टेंट और भृत्य सहित 10 पद जरूरी होंगे। कंप्यूटर विषय के लिए पीजीडीसीए योग्य शिक्षक रखना होगा।