मुंगेली: ATR में घुसना पड़ा भारी! शावकों के साथ घूम रही बाघिन ने युवक पर किया हमला, मौके पर मौत

छत्तीसगढ़ August 25, 2026 • रिपोर्टर: raigarh top news
मुंगेली: ATR में घुसना पड़ा भारी! शावकों के साथ घूम रही बाघिन ने युवक पर किया हमला, मौके पर मौत

मुंगेली: ATR में घुसना पड़ा भारी! शावकों के साथ घूम रही बाघिन ने युवक पर किया हमला, मौके पर मौत

मुंगेली। अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) के प्रतिबंधित वन क्षेत्र में प्रवेश करना एक युवक के लिए जानलेवा साबित हुआ। दो शावकों के साथ घूम रही बाघिन ने जंगल में युवक पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

वन विभाग ने ग्रामीणों से मानसून के दौरान प्रतिबंधित जंगल में नहीं जाने की अपील की है।

दोस्तों के साथ पिहरी लेने गया था युवक

जानकारी के मुताबिक घटना 24 अगस्त की है। ग्राम बांधा निवासी धर्मजीत धृतलहरे (23) अपने साथी भानु प्रताप, शिवशंकर ध्रुव, दशरथ धृतलहरे और रामफल धृतलहरे के साथ जंगल में पिहरी (मशरूम) लेने गया था।

बताया जा रहा है कि सभी युवक जोगीपुर परिसर के पाड़ाडोंगरी के पास पहुंचे थे। इसी दौरान उनका सामना दो शावकों के साथ घूम रही बाघिन से हो गया।

बाघिन ने गर्दन पर किया हमला

बाघिन ने अचानक युवकों पर हमला कर दिया। इस दौरान धर्मजीत उसकी चपेट में आ गया। बाघिन ने युवक की गर्दन पर हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

साथ मौजूद दोस्तों ने धर्मजीत को बचाने और उसे जंगल से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।

घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

घटनास्थल के आसपास ही है बाघिन

ATR के SDO समीर जोनाथन ने बताया कि शुरुआती जानकारी में बाघिन के हमले से युवक की मौत की पुष्टि हुई है। घटना की पूरी स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।

उन्होंने बताया कि बाघिन अभी भी अपने शावकों के साथ घटनास्थल के आसपास मौजूद है। ऐसे में आसपास के ग्रामीणों को जंगल की ओर नहीं जाने की कड़ी हिदायत दी गई है।

15 जून से 31 अक्टूबर तक जंगल में प्रवेश पर रोक

वन विभाग के मुताबिक मानसून अवधि के दौरान 15 जून से 31 अक्टूबर तक टाइगर रिजर्व के कोर और प्रतिबंधित वन क्षेत्रों में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है।

ग्रामीणों को जंगल में जाने से रोकने के लिए Special Tiger Protection Force (STPF) और पैदल गार्ड लगातार समझाइश देते हैं। इसके बावजूद प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।

ATR में पहले भी सामने आते रहे हैं मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामले

अचानकमार टाइगर रिजर्व और आसपास के बफर क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष का यह पहला मामला नहीं है।

  • 2026: 24 अगस्त को बांधा क्षेत्र में बाघिन के हमले में 23 वर्षीय युवक की मौत।
  • 2022-23: छपरवा और लमनी क्षेत्र में जंगल जाने वाले ग्रामीणों पर भालू और तेंदुए के हमले के मामले सामने आए।
  • 2018-19: छिताधर और सुरही क्षेत्र में बाघों की आवाजाही के दौरान ग्रामीणों पर हमले की घटनाएं सामने आईं। हाथियों के कारण भी फसलों और जान-माल को नुकसान हुआ।
  • 2011-12: ATR के अंदरूनी इलाकों में मानव-बाघ संघर्ष की घटनाएं अधिक सामने आती थीं। कुछ गांवों के विस्थापन के बाद ऐसी घटनाओं में कमी आने की बात सामने आई।

शावकों के साथ बाघिन से दूरी बनाना ही सबसे सुरक्षित

विशेषज्ञों के मुताबिक, शावकों के साथ मौजूद बाघिन बेहद आक्रामक हो सकती है। ऐसे समय उसके करीब जाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि मानसून के दौरान प्रतिबंधित जंगल में प्रवेश न करें और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें। जंगल में एक छोटी सी लापरवाही भी जान पर भारी पड़ सकती है।

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