राष्ट्रीय मंच पर कविता अग्रवाल को ‘यूनिकॉर्न अवॉर्ड’ से सम्मानित, “उम्र नहीं, आपका निर्णय तय करता है कि आप कितनी दूर जाएंगी” — कविता अग्रवाल

कोयंबटूर, 15 अगस्त 2026।स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कोयंबटूर में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में देशभर के बिज़नेस कोच एवं उद्यमियों की उपस्थिति के बीच *फैशन बिज़नेस प्रॉफिटेबिलिटी कोच कविता अग्रवाल* को प्रतिष्ठित *“यूनिकॉर्न अवॉर्ड”* से सम्मानित किया गया।
पिछले वर्ष उन्हें *“इमर्जिंग यूनिकॉर्न अवॉर्ड”* मिला था। इस वर्ष व्यवसाय में नए मुकाम हासिल करने, अपने क्लाइंट्स को बेहतर परिणाम दिलाने और महिला उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उनके कार्य को यह नई पहचान मिली।
कविता अग्रवाल देशभर की उन बुटीक ओनर्स के साथ काम करती हैं, जो प्रतिभाशाली होने के बावजूद *कम विज़िबिलिटी, डेड स्टॉक, कम मुनाफे, टेक्नोलॉजी के डर, आत्मविश्वास की कमी और बिज़नेस सिस्टम न होने* जैसी चुनौतियों से जूझ रही हैं। उनका उद्देश्य महिलाओं को केवल “व्यस्त” बिज़नेस ओनर नहीं, बल्कि *प्रॉफिटेबल और आत्मनिर्भर Fashion CEO* बनाना है।
उनका मानना है कि किसी भी बिज़नेस की असली ग्रोथ *अंदर से बाहर* होती है।
*“सिर्फ बिज़नेस स्ट्रैटेजी देना पर्याप्त नहीं है और सिर्फ माइंडसेट पर काम करना भी पर्याप्त नहीं है। सही परिणाम तब आते हैं जब सोच और स्ट्रैटेजी दोनों साथ चलते हैं। इसी कारण हम महिलाओं की विज़िबिलिटी, प्रॉफिटेबिलिटी, स्केलेबिलिटी और माइंडसेट—चारों पर एक साथ काम करते हैं।”*
अब तक उनके प्रयासों के माध्यम से *15,000 से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई जा चुकी है, 7,000 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन मिला है और 1,000 से अधिक सदस्य उनकी करीबी बिज़नेस कम्युनिटी से जुड़े हैं।*
कविता अग्रवाल का बड़ा सपना देशभर में एक *“Fashion CEO Movement”* खड़ा करना है, जहां हर बुटीक ओनर अपने व्यवसाय को आत्मविश्वास, स्पष्टता और सही सिस्टम के साथ आगे बढ़ा सके और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बने।
अपने सफर के बारे में वे कहती हैं—
*“मैंने अपने मध्य 40 के दशक में अपने सपनों को दोबारा गंभीरता से जीना शुरू किया। इसलिए मैं हर उस महिला से कहना चाहती हूं जो आज भी सोच रही है कि शायद अब देर हो गई है—देर तब होती है जब हम कोशिश करना छोड़ देते हैं। उम्र आपकी सीमा नहीं है, डर आपकी पहचान नहीं है और ‘लोग क्या कहेंगे’ आपके भविष्य का फैसला नहीं कर सकता।”*
इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने अपने मेंटर के मार्गदर्शन के साथ अपने पति *डॉ. विकास अग्रवाल, बेटी, बेटे और पूरे परिवार को दिया, जिन्हें वे अपनी सफलता के *“ग्रोथ पार्टनर्स”** मानती हैं।
आगामी *14 नवंबर 2026* को कविता अग्रवाल अपने ऑफलाइन कार्यक्रम में देशभर से आने वाली महिला उद्यमियों को उनकी बिज़नेस उपलब्धियों के लिए सम्मानित भी करेंगी।
उनका संदेश बेहद सरल लेकिन प्रभावशाली है—
*“सपने देखने के लिए कोई उम्र नहीं होती। अपने डर से बड़ा अपना विज़न बनाइए, अपने काम को दुनिया के सामने लाइए और लगातार आगे बढ़ते रहिए। क्योंकि जब एक महिला आर्थिक रूप से मजबूत होती है, तो केवल उसका बिज़नेस नहीं—उसका पूरा परिवार और अगली पीढ़ी मजबूत होती है।”*