रायगढ़ में शराब दुकानों के गार्डों की सैलरी अटकी, आबकारी विभाग पहुंचे कर्मचारी, बोले- उधारी से चल रहा घर

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में शराब दुकानों की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को समय पर वेतन नहीं मिलने का मामला सामने आया है। जिले में देशी और अंग्रेजी शराब दुकानों में मैनपावर सप्लाई और विक्रय का काम ईगल हंटर सॉल्यूशंस द्वारा किया जा रहा है। सुरक्षाकर्मियों का आरोप है कि कंपनी की ओर से पिछले कुछ महीनों से वेतन समय पर नहीं दिया जा रहा है। दो महीने का वेतन अटकने के बाद मंगलवार को बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी आबकारी विभाग पहुंचे। उन्होंने जिला सहायक आबकारी अधिकारी के नाम आवेदन सौंपकर लंबित वेतन का भुगतान कराने और हर महीने तय तारीख पर सैलरी देने की मांग की।
रायगढ़ में 37 शराब दुकानें, हर दुकान में दो गार्ड तैनात
जिले में कुल 37 शराब दुकानें संचालित हो रही हैं। इनमें 2 प्रीमियम, 15 कंपोजिट, 9 देशी और 11 अंग्रेजी शराब दुकानें शामिल हैं। प्रत्येक दुकान पर दो सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जो दिन और रात की शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं। सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि नियमित रूप से ड्यूटी करने के बावजूद उन्हें हर महीने समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
उधारी लेकर घर चलाने को मजबूर
गार्डों ने बताया कि वेतन में देरी के कारण रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है। कई सुरक्षाकर्मी परिवार का खर्च चलाने के लिए दूसरों से उधार लेने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि समय पर वेतन नहीं मिलने से बच्चों की पढ़ाई, घर के खर्च और दूसरी जरूरी जिम्मेदारियों पर भी असर पड़ रहा है।
कंपनी के खिलाफ आवेदन देकर रखी मांग
सुरक्षाकर्मियों की ओर से सौंपे गए आवेदन में बताया गया कि वे सभी ईगल हंटर प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी हैं। उनका आरोप है कि कंपनी के आने के बाद से ही वेतन भुगतान में नियमितता नहीं रही है। सुरक्षाकर्मियों ने मांग की है कि हर महीने वेतन भुगतान के लिए एक निश्चित तारीख तय की जाए और उसी तारीख पर सभी कर्मचारियों को भुगतान किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
तीन महीने तक नहीं मिला वेतन, फिर हुआ एक महीने का भुगतान
सुरक्षाकर्मियों के मुताबिक, करीब तीन महीने तक उन्हें वेतन नहीं मिला था। कंपनी के सामने वेतन भुगतान की मांग रखने के बाद एक महीने की सैलरी दी गई। इसके बाद जून और जुलाई का वेतन फिर से लंबित हो गया। सुरक्षाकर्मियों ने जब इसकी शिकायत जिला आबकारी अधिकारी से की, तो मंगलवार शाम को एक महीने का वेतन जारी किया गया। हालांकि, उनका कहना है कि अभी भी एक महीने का भुगतान बाकी है।
परिवार चलाने में हो रही परेशानी
सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि वे नियमित रूप से ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन वेतन समय पर नहीं मिलने के कारण परिवार का पालन-पोषण मुश्किल हो रहा है। उन्होंने आबकारी विभाग से मामले में हस्तक्षेप कर लंबित वेतन दिलाने और आगे से तय समय पर भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है।