Raigarh News: प्रेमिका और उसके दूसरे प्रेमी ने मिलकर की हत्या, शव जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश, महिला को उम्रकैद

रायगढ़ July 28, 2026 रिपोर्टर: raigarh top news
Raigarh News: प्रेमिका और उसके दूसरे प्रेमी ने मिलकर की हत्या, शव जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश, महिला को उम्रकैद

Raigarh News: प्रेमिका और उसके दूसरे प्रेमी ने मिलकर की हत्या, शव जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश, महिला को उम्रकैद

रायगढ़। रायगढ़ जिले में प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रेमिका ने अपने दूसरे प्रेमी के साथ मिलकर युवक की हत्या कर शव को जलाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की थी। मामले में अदालत ने आरोपी महिला को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 2 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने बताया कि 2 मार्च 2021 को कापू थाना क्षेत्र के ग्राम भोजपुर के कोटवार ने पुलिस को सूचना दी थी कि आरोपी यशोदा उर्फ दशोदा सारथी का प्रेमी देवा उर्फ लखन सिदार 1 मार्च 2021 की रात करीब 8:30 बजे उसके घर मेहमान के रूप में आया था। रात करीब 9:30 बजे उसने कथित तौर पर अपने शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली, जिससे उसकी मौत हो गई।
सूचना के बाद तत्कालीन विवेचना अधिकारी धनीराम राठौर ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान सामने आया कि घटना के दिन देवा उर्फ लखन सिदार अपनी प्रेमिका यशोदा उर्फ दशोदा से मिलने आया था। वहां उसने यशोदा को उसके दूसरे प्रेमी दुष्यंत यादव के साथ देख लिया, जिसके बाद विवाद हो गया। आरोप है कि दोनों आरोपियों ने मिलकर देवा का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। अगले दिन यशोदा ने गांव के कोटवार को देवा द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना दी थी।
जांच के दौरान यशोदा ने सह-आरोपी दुष्यंत यादव के साथ मिलकर हत्या करने और शव को जलाने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यशोदा सारथी और फरार आरोपी दुष्यंत यादव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 201 के तहत न्यायालय में चालान पेश किया।

मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय में हुई। न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने साक्ष्यों और गवाहों के बयान तथा दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यशोदा उर्फ दशोदा सारथी को देवा उर्फ लखन सिदार की हत्या का दोषी ठहराया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास और 2 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही मृतक के परिजनों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से 1 लाख रुपये की प्रतिकर राशि दिलाने की अनुशंसा भी की है।

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