CG: तेंदूपत्ता बिक्री में टूटा 38 साल का रिकॉर्ड, 4 हजार परिवारों की चमकी किस्मत

रायपुर। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की गीदम समिति ने एक नया कीर्तिमान रचा है। यहां तेंदूपत्ता विक्रय में 38 वर्षों का पिछला रिकॉर्ड टूट गया है। राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा हाल ही में आयोजित ऑनलाइन निविदा में यह ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। डेमोग्राफ़िक्स
इस निविदा के दौरान गीदम समिति के तेंदूपत्ता की भारी मांग देखी गई। समिति का माल 10,609 रुपये और 10,909 रुपये प्रति मानक बोरा की रिकॉर्ड दर पर बिका। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह वनाश्रित परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
4 हजार परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ
इस रिकॉर्ड तोड़ बिक्री का सीधा फायदा स्थानीय स्तर पर काम करने वाले संग्रहकों को मिलेगा। प्राप्त अतिरिक्त राशि का वितरण बोनस के रूप में किया जाएगा। इसका लाभ समिति से जुड़े लगभग 4,000 वनाश्रित परिवारों को मिलेगा। यही वजह है कि वन विभाग की इस सफलता से आदिवासी अंचलों में काफी उत्साह है।
पारदर्शी व्यवस्था का मिला परिणाम
मंत्री केदार कश्यप ने इस सफलता का श्रेय राज्य की पारदर्शी कार्यप्रणाली को दिया है। उन्होंने बताया कि अब तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़ी हर प्रक्रिया डिजिटल है। बता दें कि अब भुगतान की प्रक्रिया आसान हो गई है संग्राहकों के खाते में ही भुगतान किया जाता है। डीबीटी के माध्यम से राशि भेजने से बिचौलियों का खेल खत्म हुआ है। बोनस के अलावा बीमा और छात्रवृत्ति का लाभ भी संग्रहकों को समय पर मिल रहा है।
आगे क्या होगा?
सरकार अब इस मॉडल को अन्य समितियों में भी प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारी में है। मंत्री ने वन अमले, फड़ मुंशियों और जिला लघु वनोपज संघ के पदाधिकारियों को बधाई दी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी छत्तीसगढ़ के वनाश्रित परिवारों की आय बढ़ाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी। स्थानीय अधिकारी अब आने वाले सीजन के लिए भी ऐसी ही पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुट गए हैं। सरकार
तेंदूपत्ता की रिकॉर्ड कीमत कितनी रही?
गीदम समिति का तेंदूपत्ता 10,909 रुपये प्रति मानक बोरा की दर पर बिका।
कितने परिवारों को इसका बोनस मिलेगा?
इस निर्णय से लगभग 4,000 तेंदूपत्ता संग्रहक परिवार लाभान्वित होंगे।
यह कितने वर्षों में अब तक की सबसे अधिक दर है?
यह 38 वर्षों के इतिहास में तेंदूपत्ता की सर्वाधिक बिक्री दर है।
वर्तमान में भुगतान कैसे किया जा रहा है?
डीबीटी के माध्यम से राशि सीधे संग्रहकों के बैंक खातों में जमा की जा रही है।