पत्थलगांवः अंधविश्वास ने ली मासूम की जान: करैत सांप के डंसने से 4 वर्षीय बच्चे की मौत, तीन घंटे झाड़-फूंक में गंवाया समय

पत्थलगांव/जशपुर, 10 जुलाई। छत्तीसगढ़ के “नागलोक” कहे जाने वाले जशपुर जिले में अंधविश्वास ने एक बार फिर एक मासूम की जान ले ली। पत्थलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम दीवानपुर में करैत सांप के डंसने से 4 वर्षीय कार्तिक मांझी की मौत हो गई। परिजन बच्चे को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय करीब तीन घंटे तक झाड़-फूंक कराते रहे। जब उसे अस्पताल पहुंचाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम कार्तिक अपने भाई के साथ घर में जमीन पर सो रहा था। इसी दौरान एक करैत सांप ने उसे डंस लिया। सर्पदंश के बाद परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की बजाय झाड़-फूंक कराने ले गए। लगभग तीन घंटे तक झाड़-फूंक चलती रही, जिससे बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती गई। बाद में उसे पत्थलगांव सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. जेम्स मिंज ने बताया कि बच्चे को काफी देर से अस्पताल लाया गया था। तब तक सांप का जहर पूरे शरीर में फैल चुका था। उन्होंने कहा कि अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम (ASV) उपलब्ध है और सर्पदंश की स्थिति में बिना समय गंवाए मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए।
इधर, एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल ने बरसात के मौसम में लोगों से जमीन पर न सोने और सर्पदंश की घटना होने पर अंधविश्वास या झाड़-फूंक के बजाय तत्काल चिकित्सकीय उपचार लेने की अपील की है।
यह दर्दनाक घटना एक बार फिर इस बात की चेतावनी देती है कि सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। समय पर अस्पताल पहुंचना ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।