कोरबा में हाथियों का आतंक: मवेशी खोजने गए युवक को कुचला, हुई मौत कोरबा
कोरबा में हाथियों का आतंक: मवेशी खोजने गए युवक को कुचला, हुई मौत कोरबा
कोरबा। कटघोरा वन मंडल में अपना स्थायी ठिकाना बना चुके हाथियों का आतंक लगातार बढ़ते ही जा रहा है। रविवार की रात मवेशी की तलाश में जंगल पहुंचे एक युवक पर हाथी ने हमला कर मौत के घात उतार दिया है। हाथी हमले की घटना की सूचना पर वन अमले की टीम मौके पर पहुंची थी जहां मृतक के परिजनों को तत्काल सहायता की राशि प्रदान कर दी गई है। वहीं घटना के बाद वनांचल क्षेत्र में बसने वाले ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है।
कटघोरा वन मंडल के जटगा रेंज में 10 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है। बताया जाता है कि रविवार की रात ग्राम धवलपुर के बंधवापारा निवासी संतोष कुमार गोड़ पिता शिवमंगल गोड़ उम्र 40 वर्ष रात लगभग 9 बजे अपने मवेशियों की तलाश में गांव से लगे जंगल की ओर गया हुआ था। इस दौरान कक्ष क्रमांक पी-270 बासीन परिसर में पहले से डेरा डाले हाथियों के झुंड में से एक एक दंतैल हाथी से संतोष का सामना हो गया और दंतैल हाथी ने संतोष को देखते ही उस पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया।
परिजनों को 25 हजार की त्वरित सहायता राशि
देर रात को हाथी हमले की सूचना मिलते ही कटघोरा वन मंडलाधिकारी कुमार निशांत के निर्देश पर तत्काल वन अमले की टीम मौके पर पहुंची और हाथियों को जंगल की ओर किसी तरह खदेड़ा गया। जिसके बाद वन विभाग व पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई शुरू की। पंचनामा के बाद मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया गया। वहीं सरपंच व अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में मृतक के परिजनों को वन विभाग की ओर से तत्काल सहायता राशि रूपए 25 हजार उपलब्ध कराई गई। वहीं हाथी हमले से ग्रामीण की मौत होने से लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।
एक सप्ताह के भीतर हमले से दूसरी मौत
कटघोरा वनमंडल में लगभग 50 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है जो अगल अलग झुंड में विभक्त हो गया है जिससे वन अमले की परेशानी बढ़ गई है। एक सप्ताह के भीतर हाथी के हमले में दूसरी मौत से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। इससे पहले एक लोनर हाथी ने केंदई रेंज के पतुरियाडांड में एक वृद्ध महिला को कुचल दिया था जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना को हुए एक सप्ताह भी नहीं बीता है कि अब फिर से जटगा रेंज में दूसरी घटना सामने आयी है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें जंगल में पर्याप्त सुरक्षा मुहैया उपलब्ध करानी चाहिए। वनांचल क्षेत्र में बसने वाले ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं हालांकि वन अमले की टीम गांव गांव में मुनादी कर सतर्क जरुर कर रही है लेकिन जानमाल की नुकसान से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है।
मवेशी खोजने या फिर हाथी खदेड़ने गए थे ग्रामीण
वन विभाग के अधिकारिक सूत्र बताते हैं कि, ग्रामीणों ने संतोष को मवेशी खोजने जाने की बात उन्हें दी है लेकिन वन विभाग के प्रारंभिक जांच में हाथी आने की सूचना पर संतोष व कुछ अन्य ग्रामीण हाथी को खदेड़ने पहुंचे थे। इसी दौरान जब एक दंतैल हाथी ने पलट कर उन्हें दौड़ाया है तब संतोष हमले का शिकार हुआ है। हालांकि अधिकारियों ने इसकी अधिकृत पुष्टि नहीं की है। लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में वन विभाग द्वारा मुनादी कर हाथी के नजदीक ना जाने व घरों में रहने की सलाह दी जाती है। इसके बाद भी लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हैं और घटना के शिकार हो जाते हैं।