मौत के मुंह से खींच लाए डॉक्टर: श्री बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल का चमत्कार, कार्डियक अरेस्ट और कोमा को मात देकर 19 वर्षीय युवक को दिया जीवनदान

रायगढ़ June 8, 2026 रिपोर्टर: raigarh top news
मौत के मुंह से खींच लाए डॉक्टर: श्री बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल का चमत्कार, कार्डियक अरेस्ट और कोमा को मात देकर 19 वर्षीय युवक को दिया जीवनदान

मौत के मुंह से खींच लाए डॉक्टर: श्री बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल का चमत्कार, कार्डियक अरेस्ट और कोमा को मात देकर 19 वर्षीय युवक को दिया जीवनदान

 

रायगढ़। चिकित्सा विज्ञान जब मानवीय संवेदना और डॉक्टरों की तत्परता से जुड़ता है, तो अक्सर ऐसे चमत्कार देखने को मिलते हैं जो निराश परिजनों के चेहरे पर दोबारा मुस्कान लौटा देते हैं। शहर के श्री बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल में ऐसा ही एक अद्भुत मामला सामने आया है, जहाँ सिर की गंभीर चोट के कारण कोमा में जा चुके और कार्डियक अरेस्ट (दिल की धड़कन रुकना) का शिकार हुए एक 19 वर्षीय युवक को डॉक्टरों की तत्परता ने मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

सांसें थम गई थीं, लेकिन डॉक्टरों ने नहीं मानी हार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक 19 वर्षीय युवक को सिर में गंभीर चोट लगने के बाद अत्यंत नाजुक स्थिति में श्री बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल लाया गया था। अस्पताल पहुँचते समय मरीज पूरी तरह से कोमा में जा चुका था। आपातकालीन टीम ने अभी इलाज शुरू ही किया था कि अचानक मरीज को कार्डियक अरेस्ट आ गया और उसके दिल की धड़कनें रुक गईं। स्थिति बेहद तनावपूर्ण और जानलेवा थी, लेकिन अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने बिना एक पल गंवाए तुरंत सीपीआर (CPCR) देना शुरू किया। डॉक्टरों के इस त्वरित और अथक प्रयास से चमत्कारिक रूप से युवक की धड़कनें वापस लौट आईं।

तत्काल ब्रेन सर्जरी का चुनौतीपूर्ण निर्णय
धड़कन वापस आते ही बिना समय गंवाए मरीज का सीटी स्कैन (CT Scan) कराया गया। रिपोर्ट में पता चला कि मस्तिष्क के अंदर खून का बड़ा थक्का (ब्लड क्लॉट) जमा हो गया है, जो किसी भी पल जानलेवा साबित हो सकता था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल के न्यूरोसर्जन एवं ब्रेन-स्पाइन विशेषज्ञ डॉ. नितीश नायक ने तत्काल ब्रेन सर्जरी करने का साहसिक निर्णय लिया। उनकी कुशल देखरेख में यह जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

मात्र 6 दिन में कोमा से घर तक का सफर
डॉक्टरों की मेहनत और सेवा भाव का परिणाम बेहद प्रेरणादायक रहा। जो युवक कुछ घंटों पहले मौत के मुहाने पर था, वह ऑपरेशन के अगले ही दिन कोमा से बाहर आ गया। लगातार मेडिकल निगरानी और अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ की बेहतरीन देखभाल के चलते मरीज के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ। मात्र 6 दिनों के भीतर युवक पूरी तरह स्वस्थ हो गया और उसे मुस्कुराते हुए अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

“हर पल कीमती होता है” – डॉ. नितीश नायक
इस जटिल लेकिन सफल मामले पर न्यूरोसर्जन डॉ. नितीश नायक ने कहा, “सिर की चोट (Head Injury) के मामलों में समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। जब हर पल कीमती हो, तब सही समय पर सही और त्वरित इलाज ही जीवन बचा सकता है।”
यह मामला श्री बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल की उत्कृष्ट चिकित्सा विशेषज्ञता और मरीजों के प्रति उनके मानवीय समर्पण को सशक्त तरीके से दर्शाता है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि किसी भी आपातकालीन चिकित्सा या न्यूरो-स्पाइन से जुड़ी समस्या के लिए उनके हेल्पलाइन नंबर 9425570727 पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है।

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