Raigarh: राजस्व पखवाड़ा: शिविरों में त्वरित निराकरण से किसानों-ग्रामीणों को मिल रहा मौके पर समाधान, कलेक्टर ने ग्राम पंचायत कोतरलिया में किया राजस्व शिविर का निरीक्षण

आवेदनों के समय-सीमा में निराकरण के दिए निर्देश
तीन चरणों में संचालित हो रहा राजस्व पखवाड़ा अभियान
रायगढ़, 04 अप्रैल 2026/ जिले में राजस्व संबंधी प्रकरणों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार राजस्व पखवाड़ा के तहत गांव-गांव में शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से किसानों एवं ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे उन्हें कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। इसी क्रम में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने रायगढ़ तहसील के ग्राम पंचायत कोतरलिया में आयोजित राजस्व शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने उपस्थित किसानों एवं ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन का नियमानुसार एवं समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिविरों का संचालन सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं परिणाममुखी होना चाहिए, ताकि आमजन को वास्तविक लाभ मिल सके।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, नक्शा बटांकन एवं व्यपवर्तन जैसे लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ शत-प्रतिशत निराकरण किया जाए। साथ ही फौती नामांतरण, बंटवारा एवं अभिलेख त्रुटि सुधार से संबंधित आवेदनों का शिविर स्थल पर ही ऑनलाइन पंजीयन, सुनवाई एवं निराकरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिविर में आने वाले प्रत्येक हितग्राही को सहज और सम्मानजनक वातावरण मिले तथा किसी प्रकार की असुविधा न हो। शिविरों में अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए कोटवारों एवं अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
इसी क्रम में जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे ने पुसौर तहसील के ग्राम गढ़उमरिया में आयोजित राजस्व शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने शिविरों के प्रभावी संचालन एवं समयबद्ध निराकरण पर विशेष बल दिया। बता दे कि राजस्व पखवाड़ा अभियान तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है—प्रथम चरण 01 अप्रैल से 15 अप्रैल, द्वितीय चरण 04 मई से 18 मई तथा तृतीय चरण 01 जून से 15 जून 2026 तक संचालित होगा।
अभियान के तहत अविवादित नामांतरण एवं खाता विभाजन के लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण, सीमांकन एवं व्यपवर्तन के मामलों का निपटारा, नक्शा बटांकन की प्रगति, खातों में आधार, मोबाइल नंबर एवं अन्य प्रविष्टियों का अद्यतन तथा आर.बी.सी. 6-4 के अंतर्गत जनहानि एवं फसल क्षति के मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके साथ ही भू-अर्जन प्रकरणों का समय-सीमा में निपटारा, स्वामित्व योजनांतर्गत अधिकार अभिलेखों का वितरण, कृषि सांख्यिकी आंकड़ों का अद्यतन, अभिलेख शुद्धता से जुड़े प्रकरणों का निराकरण तथा बी-01, खसरा और किसान किताब से संबंधित आवेदनों का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। शिविरों में आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र के आवेदनों की ऑनलाइन प्रविष्टि लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से की जा रही है तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। राजस्व पखवाड़ा के माध्यम से प्रशासन की यह पहल आमजन के लिए राहतकारी साबित हो रही है। मौके पर ही समस्याओं के निराकरण से ग्रामीणों में संतोष का भाव है और शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
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