Raigarh: भू-अर्जन राशि का ऑनलाइन भुगतान: किसानों के लिए बना वरदान, चेक प्रणाली से मुक्ति, अब सीधे खाते में भुगतान, पारदर्शी और त्वरित भुगतान से बढ़ा भरोसा, 463 किसानों को 15.49 करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित

रायगढ़ March 31, 2026 रिपोर्टर: raigarh top news
Raigarh: भू-अर्जन राशि का ऑनलाइन भुगतान: किसानों के लिए बना वरदान, चेक प्रणाली से मुक्ति, अब सीधे खाते में भुगतान, पारदर्शी और त्वरित भुगतान से बढ़ा भरोसा, 463 किसानों को 15.49 करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित

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किसानों ने बताया—सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक प्रक्रिया

सुशासन और डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

रायगढ़, 31 मार्च 2026/ राज्य शासन की सुशासन एवं पारदर्शिता की मंशा के अनुरूप रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा भू-अर्जन मुआवजा भुगतान प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने हेतु ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था लागू की गई है। इस अभिनव पहल के तहत भू-अर्जन से प्रभावित कृषकों को उनकी मुआवजा एवं पुनर्वास राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है, जिससे भुगतान प्रक्रिया त्वरित, पारदर्शी एवं सुविधाजनक हो गई है। यह व्यवस्था 26 सितंबर 2025 से रायगढ़ अनुविभाग में प्रारंभ की गई, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। 30 मार्च 2026 तक की स्थिति में 156 कृषकों को 9,82,45,952 रूपये की मुआवजा राशि तथा 307 कृषकों को 5,67,25,273 रुपए की पुनर्वास एवं बोनस राशि का भुगतान किया गया है। इस प्रकार कुल 463 कृषकों को 15,49,71,225 रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन माध्यम से हस्तांतरित की गई है।

पूर्व में मुआवजा भुगतान चेक के माध्यम से किया जाता था, जिससे किसानों को बैंक के चक्कर लगाने पड़ते थे और भुगतान में विलंब होता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन समस्याओं से मुक्ति मिली है और किसानों को समय पर बिना किसी परेशानी के राशि प्राप्त हो रही है। इस योजना से लाभान्वित किसानों ने भी संतोष व्यक्त किया है। ग्राम जामपाली के श्री उपेन्द्र पटेल ने बताया कि “ऑनलाइन व्यवस्था से मुआवजा राशि आसानी से और समय पर मिल रही है।” वहीं ग्राम गेजामुड़ा के श्री बोधीराम पटेल ने कहा कि “नई प्रणाली से बिना किसी परेशानी के सीधे खाते में राशि प्राप्त हो रही है।” इसी तरह ग्राम उच्चभिट्टी के श्री राजकुमार चौधरी ने बताया कि “पहले चेक के कारण काफी कठिनाई होती थी, लेकिन अब भुगतान प्रक्रिया बेहद सरल और तेज हो गई है। ऑनलाइन भुगतान प्रणाली से न केवल प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी और दक्षता बढ़ी है। प्रत्येक भुगतान का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से जवाबदेही सुनिश्चित हुई है और त्रुटियों की संभावना भी कम हुई है। यह व्यवस्था किसानों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है और यह पहल सुशासन, पारदर्शिता तथा डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में स्थापित हो रही है।

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