महतारी वंदन योजना की 23वीं किश्त जारी, लेकिन 2.41 लाख महिलाएं कहां हुईं गायब?
खातों में पहुंचे पैसे, पर आंकड़ों ने खड़े कर दिए बड़े सवाल… क्या चुपचाप हो गई छंटनी?

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की सबसे चर्चित और महत्वाकांक्षी ‘महतारी वंदन योजना’ को लेकर एक तरफ राहत की खबर आई है, तो दूसरी ओर चौंकाने वाले सवाल भी खड़े हो गए हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने योजना की 23वीं किश्त की राशि महिला हितग्राहियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी है। यह साल 2026 की पहली और अब तक की कुल 23वीं किस्त है।
💸 हर महीने ₹1000, फिर भी क्यों उठे सवाल?
महतारी वंदन योजना का मकसद साफ है—
👉 महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण,
👉 स्वास्थ्य और पोषण में सुधार,
👉 और समाज में असमानता को खत्म करना।
इसके तहत पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने ₹1,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।
📊 आंकड़ों में छिपा है बड़ा ‘खेल’?
योजना की शुरुआत 10 मार्च 2024 को हुई थी।
खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली किस्त जारी करते हुए
👉 70 लाख 12 हजार 417 महिलाओं के खातों में राशि ट्रांसफर की थी।
लेकिन अब जब
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22वीं किश्त (2025 के अंत) के आंकड़े सामने आए
तो हितग्राहियों की संख्या घटकर
👉 67 लाख 86 हजार 336 रह गई।
यानि करीब
❗ 2,41,405 महिलाएं सिस्टम से बाहर!
🧐 2.41 लाख लाभार्थी आखिर गए कहां?
यही सबसे बड़ा और डरावना सवाल है।
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क्या इन महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया गया?
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क्या दस्तावेज़ों में गड़बड़ी पाई गई?
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या फिर यह किसी खामोश छंटनी का नतीजा है?
हालांकि हाल ही में
👉 7,662 नई महिलाओं को योजना में जोड़ा गया है,
जो नियद नेल्ला नार क्षेत्र से हैं।
लेकिन इसके बावजूद कुल संख्या में भारी गिरावट
संदेह को और गहरा कर रही है।
⚠️ सरकार की चुप्पी, जनता में बेचैनी
अब तक सरकार की ओर से
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2.41 लाख महिलाओं के बाहर होने
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या लाभार्थियों की कटौती
पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है—
👉 क्या महतारी वंदन योजना में बड़े स्तर पर छंटनी की गई?
👉 या फिर आंकड़ों के पीछे कोई और सच्चाई छिपी है?
❓ आगे क्या?
महतारी वंदन योजना, जो महिलाओं के लिए संजीवनी मानी जाती है,
आज आंकड़ों के भंवर में फंसती नजर आ रही है।
अब निगाहें सरकार के जवाब पर टिकी हैं—
क्योंकि
₹1000 से ज्यादा अहम है भरोसा।
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