1 करोड़ में कुर्सी! जंगल में रची गई साजिश, CBI चार्जशीट में खुला CGPSC घोटाले का खौफनाक खेल
बारनवापारा के जंगल से मंत्रालय तक फैला नेटवर्क, टामन गिरोह ने ऐसे बना दिया डिप्टी कलेक्टर

रायपुर।
छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े भर्ती घोटालों में से एक CGPSC 2021 घोटाले की परतें अब एक-एक कर खुलती जा रही हैं। राजधानी से करीब 125 किलोमीटर दूर बारनवापारा के घने जंगलों में बैठकर जो साजिश रची गई थी, उसने पूरी प्रशासनिक व्यवस्था को हिला कर रख दिया।
CBI की गहन जांच के बाद 31 दिसंबर 2025 को सक्षम न्यायालय में अंतिम चार्जशीट दाखिल की गई है, जिसमें CGPSC के अध्यक्ष, सचिव, परीक्षा नियंत्रक सहित कुल 13 आरोपियों को अभियुक्त बनाया गया है।
🌲 जंगल में बना था “सिस्टम”, रिसॉर्ट से चला चयन का खेल
CBI की रेड के दौरान बारनवापारा के एक रिसॉर्ट से ऐसे दस्तावेज बरामद हुए, जिसने जांच की दिशा ही बदल दी। यहां से 29 अभ्यर्थियों की एक सूची मिली, जिन्हें अब CBI ने गवाह बनाया है।
जांच में सामने आया कि ये सभी 29 अभ्यर्थी एक ही कोचिंग सेंटर संचालक उत्कर्ष चंद्राकर के संपर्क में थे और उसके मार्गदर्शन में परीक्षा में शामिल हुए थे।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि इन 29 में से किसी का भी अंतिम चयन नहीं हुआ।
📄 असली प्रश्नपत्र, कमरे में बैठकर परीक्षा!
CBI चार्जशीट के मुताबिक,
भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में आयोजित CGPSC 2021 परीक्षा (26–29 जुलाई 2022) के दौरान अभ्यर्थियों को
👉 असली प्रश्नपत्र पहले ही उपलब्ध करा दिया गया
👉 कमरों में बैठकर हल करने की व्यवस्था की गई
आरोप है कि विकास और उत्कर्ष चंद्राकर ने CGPSC मेंस का प्रश्नपत्र साल्वरों को सौंपा और पूरी चयन प्रक्रिया को मैनेज किया।
💰 “रेट लिस्ट” तैयार थी: डिप्टी कलेक्टर – 1 करोड़ रुपये
चार्जशीट में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि
PSC चयन के लिए पदवार रेट तय थे।
👉 डिप्टी कलेक्टर बनने की कीमत – 1 करोड़ रुपये
👉 अन्य पदों के लिए भी अलग-अलग भारी-भरकम रकम
यानी मेहनत नहीं, पैसे से तय हो रही थी अफसरशाही।
🧩 टामन सिंह सोनवानी बना मास्टरमाइंड!
CBI की फर्स्ट सप्लीमेंट्री चार्जशीट में
IAS टामन सिंह सोनवानी को इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड बताया गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि
👉 टामन सोनवानी ने सबसे पहले अपने रिश्तेदार को पेपर दिया
👉 फिर करोड़ों रुपये लेकर पेपर लीक किया
IAS टामन सिंह सोनवानी की गिरफ्तारी को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी ट्वीट कर सख्त संदेश दिया है।
🔎 जांच अभी खत्म नहीं…
CBI का कहना है कि इस घोटाले में
👉 कई बड़े अधिकारी
👉 राजनीतिक रसूखदार लोग
👉 और प्रभावशाली चेहरे
अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हो सकते हैं। उनकी भूमिका की जांच अभी जारी है।
⚠️ बड़ा सवाल
अगर 1 करोड़ में डिप्टी कलेक्टर बन सकता है,
तो सिस्टम पर आम आदमी कैसे भरोसा करे?
CGPSC घोटाला अब सिर्फ एक भर्ती घोटाला नहीं,
बल्कि पूरे सिस्टम की साख पर सवाल बन चुका है।





|
|
|
|
![]() |
![]() |
| ||

