कोल खनन के जनसुनवाई के विरोध कर ग्रामीणों के मध्य बहुचर्चित नेता राधेश्याम का वीडिया का मामला गरमाया, सियासी हलचल तेज

सीएम, मंत्री को गालियां, हत्या की धमकी, सांसद नवीन जिन्दल को भी मारने की दी धमकी
ग्रामीणों को उकसाने का भरपुर प्रयास, वीडियो में साफ दिखाई दे रहा
जिन्दल पावर के सेक्टर-1 कोल ब्लॉक मामले में जनसुनवाई के दौरान उपद्रव लोकतंत्र, कानून व्यवस्था को लेकर सवालिया निशान खड़े हुए
रायगढ़, 2 जनवरी 2026. रायगढ़ जिले के तमनार में जिन्दल पावर के सेक्टर-1 कोल ब्लॉक की जनसुनवाई, जो विकास और संवाद का मंच होनी थी, वह हथियार उठाने, प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी को गालियों के साथ-साथ हत्या की धमकी और कुरुक्षेत्र के सांसद नवीन जिन्दल को भी मारने की धमकी दिये जाने, जिन्दल पावर के प्लांट में भारी तोड़-फोड़ और एक महिला पुलिसकर्मी को निर्वस्त्र किये जाने की घटना से अराजकता की भयावह तस्वीर बन गई। इस सिलसिले में सोशल मीडिया पर राधेश्याम शर्मा नामक एक व्यक्ति का बयान वायरल है। महिला पुलिसकर्मी के साथ बदसलूकी की घटना के बाद न केवल रायगढ़ बल्कि पूरे प्रदेश में महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं क्योंकि राधेश्याम शर्मा का बेटा दीपक शर्मा भी सोशल मीडिया पर कई आपत्तिजनक और भड़कावे वाली सामग्री डाल चुका है।
सबसे अहम सवाल यह है कि जब बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में राज्य सरकार सख्त नियंत्रण का दावा कर रही है, तो रायगढ़ जैसे औद्योगिक जिले में इस तरह की अराजकता कैसे पनपी? क्या जनसुनवाई के लिए प्रशासनिक तैयारियाँ नाकाफी थीं, या फिर भीड़ को जानबूझकर उकसाने का कोई प्रयास किया गया?
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि जनसुनवाई में आदिवासी समाज के सीधे-साधे लोगों को भड़काने की कोशिश की गई। आदिवासी अधिकारों के नाम पर विरोध की आड़ लेकर रायगढ़ के विकास और रोजगार संभावनाओं पर ब्रेक लगाने की साजिश तो नहीं रची जा रही—यह सवाल अब सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन चुका है।
27 दिसंबर की यह घटना सिर्फ एक जनसुनवाई का मामला नहीं, बल्कि रायगढ़ में कानून व्यवस्था और शासन की विश्वसनीयता की कसौटी बन चुकी है।
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