Train Ticket Printed Copy: प्रिंटेड टिकट अनिवार्य? रेलवे ने कहा- कोई नया निर्देश जारी नहीं किया

भारतीय रेल ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि अनारक्षित ट्रेन टिकट के लिए प्रिंटेड कॉपी साथ रखना अनिवार्य करने जैसा कोई नया निर्देश जारी नहीं किया गया है। यह बयान उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आया है, जिनमें नियमों में बदलाव होने का दावा किया गया था।
रेलवे ने कहा कि मौजूदा नियम पहले की तरह ही लागू हैं। जो यात्री अनारक्षित टिकट बुक करते हैं और उसका भौतिक प्रिंट (ऑनलाइन या ऑफलाइन) ले लेते हैं, उन्हें यात्रा के दौरान वह टिकट अपने पास रखना जरूरी है।
वंदे भारत में अब देश के अलग-अलग स्वादों का मज़ा
भारतीय रेल लगातार यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए नए प्रयास कर रही है। इसी क्रम में वंदे भारत एक्सप्रेस में अब विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजन भी उपलब्ध होंगे। रेल मंत्रालय के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को भारत की सांस्कृतिक और पाक विविधता से परिचित कराना है।
विभिन्न रूट्स पर यात्रियों को मिलने वाले कुछ खास व्यंजन इस प्रकार हैं:
- महाराष्ट्र: कांदा पोहा, मसाला उपमा (CSMT-MAO वंदे भारत एक्सप्रेस)
- आंध्र प्रदेश/दक्षिण भारत: डोंडकाया करम पोड़ी फ्राई, आंध्र कोड़ी कुरा
- गुजरात: मेथी थेपला (MMCT-GNC), मसाला लौकी (SBIB-VRL)
- ओडिशा: आलू फूलकोपी (हावड़ा-पुरी वंदे भारत)
- केरल: सफेद चावल, पचकका चेरुपायर मेझुक्कु पेराटी, कडला करी, केरल पराठा, सादा दही, पलाडा पायसम और अप्पम (कासरगोड-त्रिवेंद्रम / मंगलुरु-त्रिवेंद्रम)
- पश्चिम बंगाल: कोषा पनीर, आलू पोटोल भाजा, मुर्गिर झोल (ROU-HWH / NJP-HWH)
- बिहार: चंपारण पनीर, चंपारण चिकन (PNBE-RNC / PNBE-HWH)
- डोगरी व्यंजन: अंबल कद्दू, जम्मू चना मसाला
- कश्मीरी व्यंजन: टोमैटो चमन, केसर फिरनी (SVDK-SINA)
रेलवे का मानना है कि इस पहल से वंदे भारत में यात्रा का अनुभव और भी खास बन जाएगा और यात्रियों को एक ही सफर में भारत के अलग-अलग स्वादों का आनंद मिलेगा।
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