Raigarh News: जल संरक्षण से आजीविका सशक्तिकरण की नई पहल, ’मोर गांव-मोर पानी’ से बदलेगी गांवों की तस्वीर

रायगढ़ December 18, 2025 रिपोर्टर: raigarh top news
Raigarh News: जल संरक्षण से आजीविका सशक्तिकरण की नई पहल, ’मोर गांव-मोर पानी’ से बदलेगी गांवों की तस्वीर

Raigarh News: जल संरक्षण से आजीविका सशक्तिकरण की नई पहल, ’मोर गांव-मोर पानी’ से बदलेगी गांवों की तस्वीर

डबरी निर्माण से सिंचाई व्यवस्था होगी मजबूत, किसानों को वर्ष भर मिलेगा पानी
मछली पालन बनेगा ग्रामीणों की अतिरिक्त आय का मजबूत आधार

रायगढ़, 18 दिसम्बर 2025/ रायगढ़ जिला आज जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में एक नई मिसाल कायम कर रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत डबरी निर्माण को राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी “मोर गाँव-मोर पानी” महा अभियान से जोड़ते हुए जिला प्रशासन ने ग्रामीण जीवन को स्थायी मजबूती देने का संकल्प लिया है। यह पहल केवल वर्षा जल को सहेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण की ठोस नींव भी रख रही है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में शुरू इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल संकट से जूझ रहे ग्रामीण क्षेत्रों को राहत देना और आजीविका के दीर्घकालिक अवसर उपलब्ध कराना है। जल संरक्षण के ये प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य की आधारशिला साबित होंगे।

मनरेगा अंतर्गत डबरी निर्माण से रायगढ़ जिले के किसानों को वर्ष भर सिंचाई की सुविधा प्राप्त होगी। इससे खरीफ के साथ-साथ रबी और जायद फसलों की खेती संभव हो सकेगी, जिससे कृषि उत्पादन और किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। डबरियों में मछली पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीणों के लिए आय के अतिरिक्त और स्थायी स्रोत विकसित किए जा रहे हैं। जिला पंचायत से प्राप्त जानकारी अनुसार, जिले में 500 से अधिक डबरियों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन कार्यों से एक ओर हजारों ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर आर्थिक स्वावलंबन को भी मजबूती मिलेगी। यह पहल ग्रामीण युवाओं के पलायन को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

“मोर गाँव-मोर पानी” महा अभियान वर्षा जल संवर्धन, भूजल संरक्षण और ग्रे वाटर प्रबंधन पर केंद्रित है। इसके अंतर्गत चेक डेम, फार्म पॉन्ड, कंटूर ट्रेंच, परकॉलेशन टैंक, सोक पिट, वृक्षारोपण जैसे विविध कार्य किए जा रहे हैं। रायगढ़ जिले में इसे एक जन आंदोलन का रूप देने के लिए ग्राम सभाओं, जल शपथ कार्यक्रमों, रैलियों और दीवार लेखन के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

स्व-सहायता समूहों और “बिहान” योजना की दीदियों को इस अभियान से जोड़कर जल संरक्षण के साथ-साथ आजीविका गतिविधियों को भी सशक्त किया जा रहा है। साथ ही, जीआईएस तकनीक के माध्यम से योजना की पारदर्शिता, भूजल स्तर की निगरानी और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है। राज्य स्तरीय सशक्त समिति द्वारा भी इस अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है, जिससे रायगढ़ को जल संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी जिला बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जून 2025 से शुरू हुआ यह महा अभियान अब पूरे राज्य में जन सहभागिता का प्रतीक बन रहा है। इसके सफल क्रियान्वयन से न केवल मृदा स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि हरित गांवों, समृद्ध किसानों और खुशहाल परिवारों की नई तस्वीर उभरकर सामने आएगी। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे ग्राम पंचायतों के माध्यम से आवेदन कर इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दें।

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