Raigarh News: रायगढ़ में जहरीले सांपों की पहचान और रेस्क्यू पर विशेष प्रशिक्षण, धरमजयगढ़ में सर्पदंश जागरूकता कार्यशाला
Raigarh News: रायगढ़ में जहरीले सांपों की पहचान और रेस्क्यू पर विशेष प्रशिक्षण, धरमजयगढ़ में सर्पदंश जागरूकता कार्यशाला
रायगढ़, 21 नवम्बर 2025/ वनमंडल धरमजयगढ़ क्षेत्र में होने वाली सर्पदंश की घटनाओं की रोकथाम हेतु काष्ठागार धरमजयगढ़ में जनजागरुकता सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें सर्पदंश से बचाव, इस क्षेत्र में पाये जाने वाले विभिन्न प्रकार की जहरीले सर्प की पहचान एवं उसकी रेस्क्यू तथा उसके संरक्षण के संबंध में चर्चा हुई। प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य-इस क्षेत्र में पाये जाने वाले विभिन्न जहरीले, बिना जहर वाले सांपो की पहचान करना, सर्पदंश से बचाव, सांपो का संरक्षण, सर्पदंश के बाद होने वाले चिकित्सकीय उपायों तथा सांप से जुड़े अन्य विषयों पर गहन रुप से चर्चा-परिचर्चा कर सांपो से जुड़ी अपनी जानकारी को बढ़ाना, जिससे सर्पदंश से होने वाली अकाल मृत्यु को न्यूनतम किया जा सके।
कार्यशाला में वनमंडलाधिकारी धरमजयगढ़ ने क्षेत्र में सांपो से होने वाली अकाल मृत्यु को न्यूनतम करने की विभिन्न उपायों के बारे में बताया तथा लोगों को इस संबंध में जागरुक किया गया। एम. सुरज नोवा नेचर वेल्फ फेयर द्वारा सांपों के विभिन्न प्रजातियों के बारे में जानकारी दी एवं सांपो से होने वाली मृत्यु और उसके सुरक्षा के उपाय के बारे में बताया गया। स्वास्थ्य विभाग के डॉ. शर्मा ने सांपों का चिकित्सकीय प्रक्रिया एवं ईलाज के बारे में विस्तार से बताया। मितानिन श्रीमती सुकवारा साहू जो सांपो के बारे में जनजागरुकता का कार्य कर रहे है, उन्होंने अपने अनुभव साझा कर और स्थानीय स्तर पर सर्पदंश से बचने की उपायों के बारे में जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान लोगों से सांपो की जानकारी के संबंध में एक प्रश्न उत्तरी का भी आयोजन किया गया। अलग-अलग मनोरंजक तथा विडियो एवं प्रेजेटेशन के माध्यम से सांपो के बारे में लोगों को उनकी आसान भाषा में जानकारी दी गई। वनमंडल धरमजयगढ़ सर्पदंश की घटनाओं को लेकर संवेदनशील है तथा लगातार सांपो के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे है। वनमंडल धरमजयगढ़ द्वारा भविष्य में भी लगातार इस प्रकार की जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। जनजागरुकता सह प्रशिक्षण कार्यशाला में धरमजयगढ़ एवं लैलूंगा विकास खंड के डॉक्टर एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी, अन्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, हाथी मित्रदल, ट्रैकर, वन अधिकारी, कर्मचारी, क्षेत्रीय जन प्रतिनिधि, मिडियाकर्मी, एनएसएस स्वावलंबी, नोवा नेचर वेल्फ फेयर एवं आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।