छत्तीसगढ़ में राशन वितरण ठप! 1,960 दुकानें बंद, सरकार ने हड़तालियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की
छत्तीसगढ़ में राशन वितरण ठप! 1,960 दुकानें बंद, सरकार ने हड़तालियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 3 नवंबर से जारी प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के प्रबंधकों और आपरेटरों की हड़ताल का राज्य में गंभीर असर देखने को मिला है। धान खरीदी करने वाली सोसाइटियों ने राशन वितरण का काम ठप कर दिया है। राज्य में कुल 4,500 से अधिक राशन दुकानों में से 1,960 दुकानों से राशन वितरण नहीं हो रहा है।
सरकार ने हड़तालियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। खाद्य संचालक ने कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि हड़ताल कर रही दुकानों में राशन वितरण के लिए पंचायत और महिला स्व-सहायता समूहों का सहारा लिया जाए। आदेश में कहा गया है कि सहकारी समितियों द्वारा अति आवश्यक सेवाओं को बाधित करने और खाद्यान्न वितरण नहीं करने की अनियमितता के लिए तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए और कड़ी कार्रवाई की जाए।
अधिकारियों के अनुसार, कवर्धा (204), बलौदाबाजार (231), धमतरी (247), गरियाबंद (213), महासमुंद (435), रायपुर (218) जिलों में राशन वितरण ठप है। वहीं, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मुंगेली, जशपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी और भरतपुर जिलों में वितरण जारी है।
बलौदाबाजार जिले में प्रशासन ने 13 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। इसमें सिमगा, खोखली, धुर्रा बांधा, रोहांसी, तिल्दा सहित कई समितियों के प्रबंधक शामिल हैं। इसके अलावा, कोनारी, रोहरा और रिसदा की तीन कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का प्रस्ताव रखा गया है।
खाद्य संचालक ने कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि सभी गांवों में मुनादी कर राशन वितरण की प्रक्रिया शुरू कराई जाए, ताकि गरीब और एपीएल कार्डधारी खाद्यान्न से वंचित न रहें।
यह हड़ताल राज्य में राशन वितरण प्रणाली के लिए सबक और चेतावनी दोनों के रूप में सामने आई है, जिससे सरकार की सख्त कार्रवाई की आवश्यकता और बढ़ गई है।