सूखे की धरती पर कैसे बरसाया पानी का पहाड़? बलौदाबाजार जिले की हैरान कर देने वाली उपलब्धि—राष्ट्रपति के हाथों मिला बड़ा सम्मान!
सूखे की धरती पर कैसे बरसाया पानी का पहाड़? बलौदाबाजार जिले की हैरान कर देने वाली उपलब्धि—राष्ट्रपति के हाथों मिला बड़ा सम्मान!
बलौदाबाजार। जल संचयन के क्षेत्र में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले ने वह कर दिखाया, जिसकी उम्मीद खुद राज्य ने भी नहीं की थी। जिले को जल संरक्षण के ऐतिहासिक कामों के लिए जल संचय जनभागीदारी पुरस्कार 1.0 से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन के प्लेनरी हॉल में आयोजित इस भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया।
पूर्वी क्षेत्र की कैटेगरी-2 में यह उपलब्धि हासिल करने वाला बलौदाबाजार जिला, अब देशभर में जल संरक्षण के मॉडल के रूप में उभर रहा है। समारोह में कलेक्टर दीपक सोनी ने मंच पर चढ़कर एक करोड़ रुपये का चेक और प्रशस्ति पत्र केंद्रीय मंत्री से प्राप्त किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और राजभूषण चौधरी भी मौजूद थे।
जिले को यह पुरस्कार जल संचयन के लिए 30,927 संरचनाओं के सफल निर्माण के आधार पर दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और कलेक्टर दीपक सोनी के नेतृत्व में जिले में एक बड़ा जल संचय महाअभियान चलाया गया। अभियान के तहत सोखता गड्ढों का निर्माण, पुराने जलाशयों की सफाई और कई नवीन संरचनाओं का निर्माण किया गया।
जिला पंचायत की जानकारी के मुताबिक, 31 मई 2025 तक कुल 35,793 संरचनाएँ तैयार की जा चुकी हैं। इनमें शामिल हैं—
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नए तालाब
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सामुदायिक एवं निजी डबरी
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परकोलेशन टैंक
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कुएँ
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रिचार्ज पीट
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गली प्लग
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चेकडैम
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सोकपीट
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अमृत सरोवर
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एनीकट
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स्टापडेम
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नहरों का जीर्णोद्धार
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स्टेग्रेडेड कंटूर ट्रेंच
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गेबियन स्ट्रक्चर
इन संरचनाओं को मनरेगा, कैम्पा, सीएसआर फंड, राज्य बजट और विभिन्न केंद्रीय निधियों की मदद से पूरा किया गया।
जिला प्रशासन का यह प्रयास न केवल जल संरक्षण की दिशा में क्रांतिकारी कदम साबित हुआ है, बल्कि यह दिखाता है कि यदि योजना, जनभागीदारी और प्रशासनिक दृढ़ता साथ हों, तो सूखे इलाकों में भी पानी का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।