BIG BREAKING: मक्का से मदीना जा रही उमरा यात्रियों की बस का एक्सीडेंट, 42 भारतीयों की मौत!
BIG BREAKING: मक्का से मदीना जा रही उमरा यात्रियों की बस का एक्सीडेंट, 42 भारतीयों की मौत!
Saudi Arabia Indian Umrah Pilgrims: सऊदी अरब में सोमवार, 17 नवंबर को तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने भारत में दर्जनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। मक्का से मदीना जा रही भारतीय उमरा यात्रियों की बस एक डीज़ल टैंकर से टकरा गई, जिसके बाद बस में भीषण आग लग गई।
शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस हादसे में कम से कम 42 भारतीयों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है। माना जा रहा है कि मरने वालों में हैदराबाद के कई यात्री, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, सभी यात्री मक्का में उमरा की रस्में पूरी करने के बाद मदीना जा रहे थे। यह आध्यात्मिक यात्रा महज कुछ पलों में एक भयावह दुर्घटना में बदल गई।
कैसे हुआ हादसा?
टक्कर सोमवार तड़के भारतीय समयानुसार करीब 1:30 बजे हुई। बस मक्का से लगभग 160 किलोमीटर दूर मुहरास/मुफ़रिहात इलाके में पहुंची ही थी कि सामने से आ रहे डीज़ल टैंकर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस पल भर में आग की लपटों में घिर गई।
हादसे के वक्त अधिकांश यात्री सो रहे थे, जिससे उन्हें बचने का मौका नहीं मिल सका। बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई जिससे पहचान मुश्किल हो रहा है। राहत दलों ने बताया कि हादसे के बाद बस पूरी तरह जलकर राख हो गई। इस कारण मृतकों की पहचान करना अत्यंत कठिन हो रहा है। सऊदी सिविल डिफेंस, पुलिस और स्थानीय बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि बस में केवल एक व्यक्ति जीवित मिला, लेकिन उसकी हालत को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं है।
हैदराबाद में मातम और बेचैनी
हैदराबाद के कई परिवार इस खबर के बाद से सदमे में हैं। राहत एजेंसियों, ट्रैवल ऑपरेटरों और सरकारी अधिकारियों से लगातार संपर्क करने की कोशिशें जारी हैं। परिवारों की व्यथा बढ़ती जा रही है, क्योंकि कई घंटों बाद भी आधिकारिक तौर पर मृतकों की पहचान और संख्या की पुष्टि नहीं हो पाई है। सऊदी प्रशासन ने दुर्घटना स्थल पर राहत और जांच शुरू कर दी है। भारत के दूतावास व भारतीय उमरा एजेंसियों के प्रतिनिधि मौके पर पहुंच गए हैं। मृतकों की पहचान, घायलों की स्थिति और शवों को भारत लाने की प्रक्रिया को लेकर दोनों देशों की एजेंसियां तालमेल कर रही हैं।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, इ11 महिलाएं और 10 बच्चे भी इस हादसे का शिकार हो सकते हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सही आंकड़ा पहचान पूरी होने के बाद ही बताया जाएगा। उमरा जैसे पवित्र अवसर पर गई दर्जनों ज़िंदगियाँ इस हादसे में हमेशा के लिए बुझ गईं।