Sarangarh News: सारंगढ़ में ग्रीन सस्टेबल की जनसुनवाई को लेकर तेज हुआ विरोध, ग्रामीणों सारंगढ़ कलेक्टोरेट का घेराव कर किया प्रदर्शन, किसी भी सूरत में जमीन ना देने किसान अड़े

रायगढ़ November 13, 2025 रिपोर्टर: raigarh top news
Sarangarh News: सारंगढ़ में ग्रीन सस्टेबल की जनसुनवाई को लेकर तेज हुआ विरोध, ग्रामीणों सारंगढ़ कलेक्टोरेट का घेराव कर किया प्रदर्शन, किसी भी सूरत में जमीन ना देने किसान अड़े

Sarangarh News: सारंगढ़ में ग्रीन सस्टेबल की जनसुनवाई को लेकर तेज हुआ विरोध, ग्रामीणों सारंगढ़ कलेक्टोरेट का घेराव कर किया प्रदर्शन, किसी भी सूरत में जमीन ना देने किसान अड़े

सारंगढ़ 13 नवम्बर । ग्रीन सस्टेबल को आबंटित लाइमस्टोन की खदान के लिए 17 नवम्बर को प्रस्तावित जनसुनवाई को निरस्त करने की मांग को लेकर प्रभावित 5 गांव के लोगों ने सारंगढ़ विधायक के नेतृत्व में कलेक्टोरेट का घेराव करते हुए जनसुनवाई को निरस्त किये जाने सम्बन्धी ज्ञापन दिया। वहीं प्रदर्शन में शामिल किसानों का कहना था कि वो किसी भी सूरत में अपनी जमीन कम्पनी को नहीं देने वाले हैं।

नवगठित सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में लालाधुरवा-जोगनीपाली लाइम स्टोन खदान के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति हासिल करने आगामी 17 नवंबर को जनसुनवाई आयोजित की गई है। यह खदान मेसर्स ग्रीन सस्टेबल मैन्युफेक्चिरिंग कंपनी प्राइवेअ लिमिटेड भुवनेश्वर को आवंटित की गई है। पहले इसके लिए जनसुनवाई की तारीख 24 सितंबर को नीयत की गई थी मगर ग्रामीणों के चौतरफा विरोध को देखते हुए इसे स्थगित कर दिया गया था और अब इसे दोबारा आयोजित की जा रही है मगर इस बार भी प्रभावित ग्रामीण इस खदान के विरोध में सड़क पर उतर आये हैं और ऐलान कर दिया है कि वे किसी भी सूरत पर अपनी जमीन कंपनी को नहीं देंगे। पिछले दिनों अपनी मांगों को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन भी सौंपा था और जनसुनवाई को निरस्त करने की मांग की थी।

इसके बावजूद उनकी सुनवाई नहीं होने की स्थिति में गुरूवार को प्रभावित गांवों के शताधिक ग्रामीण महिला-पुरूष सड़क पर उतर आये और सारंगढ़ पहुंचकर कलेक्टोरेट का घेराव कर दिया। ग्रामीणों के इस आंदोलन का सारंगढ़ विधायक ने भी समर्थन किया और ग्रीन सस्टेबल की जनसुनवाई को निरस्त करने की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया।

ग्रीन सस्टेबल कंपनी कोे आवंटित लालाधुरवा-जोगनीपाली लाइम स्टोन खदान से सारंगढ़ ब्लॉक के पांच गांव लालाधुरवा, जोगनीपाली, धौराभांठा, कपिस्दा और सरसरा गांव आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी द्वारा गैर कानूनी तरीका अपनाकर और फर्जी आंकड़े देकर शासन और प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है और यह लोकसुनवाई करायी जा रही है। ऐसे में उनकी मांग है कि लोकसुनवाई को तत्काल निरस्त किया जाये। अगर ऐसा नहीं होता है कि आगे प्रभावित किसानों को सड़क पर उतर कर इसके विरोध में उग्र आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा।

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