रायगढ़ की बेटी सुलक्षणा पंडित का निधन: फिल्म और संगीत जगत की मधुर आत्मा ने ली अंतिम सांस

छत्तीसगढ़ November 7, 2025 रिपोर्टर: raigarh top news
रायगढ़ की बेटी सुलक्षणा पंडित का निधन: फिल्म और संगीत जगत की मधुर आत्मा ने ली अंतिम सांस

रायगढ़ की बेटी सुलक्षणा पंडित का निधन: फिल्म और संगीत जगत की मधुर आत्मा ने ली अंतिम सांस

71 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन, रायगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को दिया अंतर्राष्ट्रीय मंच

पंडित जसराज के परिवार से नाता, पिता थे रायगढ़ के राजा चक्रधर सिंह के दरबार के कलाकार

70-80 के दशक की प्रमुख अभिनेत्री-गायिका, भाई जतिन-ललित और बहन विजेता पंडित से जुड़ा बॉलीवुड कनेक्शन

जन्म और प्रारंभिक जीवन:
सुलक्षणा पंडित का जन्म 12 जुलाई 1954 को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में हुआ। उनके परिवार का संगीत से गहरा नाता था। पिता प्रताप नरेन पंडित रायगढ़ के राजा चक्रधर सिंह के दरबार में प्रतिष्ठित कलाकार थे, और उनका परिवार महान शास्त्रीय गायक पंडित जसराज से जुड़ा था। रायगढ़ और पास के नरियरा गांव, जिसे “छत्तीसगढ़ का वृंदावन” कहा जाता है, ने उनके संगीत की साधना को दिशा दी।

संगीत और अभिनय में सफर:
सुलक्षणा ने सिर्फ 9 साल की उम्र में संगीत में कदम रखा। 1970 के दशक में उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेत्री के रूप में प्रवेश किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में धरम कांटा, वक्त की दीवार, खानदान और अमानत शामिल हैं। उनकी आवाज़ की मिठास और अभिनय की सादगी ने उन्हें 70 और 80 के दशक की प्रमुख अभिनेत्रियों में शामिल किया।

उन्होंने दिग्गज गायकों मोहम्मद रफ़ी, किशोर कुमार और लता मंगेशकर के साथ कई यादगार गीत गाए। उनके भाई जतिन-ललित हिंदी सिनेमा की प्रसिद्ध संगीतकार जोड़ी हैं, और बहन विजेता पंडित भी मशहूर अभिनेत्री रही हैं।

निजी जीवन और अधूरी प्रेमकहानी:
सुलक्षणा पंडित का नाम अभिनेता संजीव कुमार के साथ जुड़ा। कहा जाता है कि उनके बीच गहरा स्नेह था, लेकिन यह रिश्ता कभी पूरा नहीं हो सका। दिलचस्प संयोग यह है कि संजीव कुमार का निधन 6 नवंबर को हुआ था, और सुलक्षणा पंडित ने 6 नवंबर 2025 को अंतिम सांस ली।

निधन और अंतिम यात्रा:
सुलक्षणा पंडित का निधन 6 नवंबर 2025 को मुंबई के नानावटी अस्पताल में लंबी बीमारी और हार्ट अटैक के बाद हुआ। वे 71 वर्ष की थीं। उनका अंतिम संस्कार विले पारले के पवन हंस श्मशान घाट में किया जाएगा। फिल्म और संगीत जगत के अनेक दिग्गज कलाकारों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें भारतीय सिनेमा की “मधुर आत्मा” कहा।

छत्तीसगढ़ की शान और विरासत:
रायगढ़ की बेटी सुलक्षणा पंडित ने अपने सुरों और अभिनय से भारतीय सिनेमा को नई संवेदनशीलता दी। उनकी विरासत केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है बल्कि वह रायगढ़ की सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक भी हैं। उनका जीवन यह साबित करता है कि छोटे शहरों से निकली प्रतिभाएँ भी पूरे देश का गौरव बन सकती हैं।

सुलक्षणना पंडित आज संगीत, सादगी और संवेदना की अमर मिसाल बन चुकी हैं।

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