बिलासपुर: तोरवा शाखा में ढाई करोड़ की गड़बड़ी, महिला क्लर्क बर्खास्त, पांच प्रबंधकों और दो ऑपरेटरों की वेतनवृद्धि रोकी

छत्तीसगढ़ November 7, 2025 • रिपोर्टर: raigarh top news
बिलासपुर: तोरवा शाखा में ढाई करोड़ की गड़बड़ी, महिला क्लर्क बर्खास्त, पांच प्रबंधकों और दो ऑपरेटरों की वेतनवृद्धि रोकी

बिलासपुर: तोरवा शाखा में ढाई करोड़ की गड़बड़ी, महिला क्लर्क बर्खास्त, पांच प्रबंधकों और दो ऑपरेटरों की वेतनवृद्धि रोकी

बिलासपुर। जिला सहकारी बैंक की तोरवा मंडी शाखा में ढाई करोड़ रुपये की वित्तीय गड़बड़ी सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन ने कठोर कार्रवाई की है। शाखा में कार्यरत लिपिक एवं कंप्यूटर ऑपरेटर खुशबू शर्मा को बर्खास्त कर दिया गया है। जांच में उनके खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के प्रमाण मिलने के बाद यह कदम उठाया गया। बैंक अब उनसे पूरी राशि की वसूली भी करेगा।

साथ ही, बैंक प्रशासन ने लापरवाही बरतने वाले अन्य कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की है। पांच शाखा प्रबंधकों — सुनील पनारे, देवदत्त साहू, चंद्रकुमार तिवारी, उमेश शुक्ला और हितेश सलूजा — तथा दो कंप्यूटर ऑपरेटरों — मनोज कश्यप और विभा रानी — की तीन-तीन वेतनवृद्धियां रोकने का आदेश जारी किया गया है।

सात साल तक चला खेल

खुशबू शर्मा 2012 से बैंक में कार्यरत थीं और 2014 में उन्हें कैशियर बनाया गया। आरोप है कि 2015 से 2022 तक उन्होंने किसानों से जमा की गई राशि को पासबुक में दर्ज तो किया, लेकिन उसे बैंक खाते में जमा नहीं किया। इस दौरान लगभग ढाई करोड़ रुपये का गबन हुआ। यह घोटाला तब तक छिपा रहा क्योंकि किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। मामला तब उजागर हुआ जब एक किसान ने शाखा प्रबंधक हितेश सलूजा से शिकायत की।

पति भी पहले बर्खास्त

खुशबू शर्मा के पति शशांक शास्त्री भी जिला सहकारी बैंक की सदर बाजार शाखा में कार्यरत थे। उन पर कंप्यूटर आईडी के दुरुपयोग से 40 लाख रुपये के गबन का आरोप था और जांच में दोषी पाए जाने पर उन्हें दो वर्ष पहले बर्खास्त किया गया था।

बैंक प्रबंधन ने कहा है कि वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही बनाए रखने के लिए आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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