4.50 करोड़ के शेयर का फर्जी गिफ्ट डीड मामलाः उद्योगपति हरबिलास अग्रवाल और उनके पुत्र प्रणव, आयुष के खिलाफ चारसौबीसी का केस दर्ज
बेटों संग फर्जी हस्ताक्षर कर घटना को दिया अंजाम, थाने में एफआईआर दर्ज

रायगढ़ टॉप न्यूज 17 अक्टूबर। जिले में एक फैक्ट्री के शेयर को ट्रांसफर करने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी हुई है। बड़े भाई ने अपने दो बेटों के साथ मिलकर छोटे भाई के नाम के शेयर किसी और को ट्रांसफर कर दिए। जब छोटे भाई को इसकी जानकारी मिली, तो उसने थाना में इसकी शिकायत दर्ज कराई। मामला पूंजीपथरा थाना क्षेत्र का है।
मिली जानकारी के मुताबिक, सुरजपुर के केतका रोड के रहने वाले 56 वर्षीय अजय अग्रवाल ने पूंजीपथरा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी हरविलास अग्रवाल (58 वर्ष) और उसके दो बेटे प्रणव अग्रवाल और आयुष अग्रवाल ने मिलकर बांकी बिहारी इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के शेयरों को फर्जी तरीके से अपने नाम ट्रांसफर करवा लिया है। उनकी श्री बांके बिहारी इस्पात प्राइवेट लिमिटेड पारिवारिक कंपनी है। पीड़ित अजय अग्रवाल ने कपंनी के शेयर 10 रुपए प्रति शेयर के भाव से 21 मार्च 2005 से लेकर 31 मार्च 2023 तक 28 शेयर सर्टिफिकेट के माध्यम से क्रया किया था।
फर्जी दस्तावेज बनाकर शेयर हड़पने का आरोप
पीड़ित अजय ने बताया कि ‘श्री बांके बिहारी इस्पात प्राइवेट लिमिटेड’ उनके परिवार की कंपनी है। उन्होंने इस कंपनी के शेयर 10 रुपए प्रति शेयर की कीमत पर 21 मार्च 2005 से 31 मार्च 2023 के बीच खरीदे थे। उन्होंने कुल 28 शेयर सर्टिफिकेट लिए थे, जिनकी मौजूदा कीमत करीब साढ़े चार करोड़ रुपए है। अजय का आरोप है कि हरविलास अग्रवाल और उसके दोनों बेटे आयुष अग्रवाल और प्रणव अग्रवाल ने मिलकर धोखाधड़ी की है। उन्होंने एक फर्जी दस्तावेज तैयार किया और 16 मई 2024 को 100 रुपए के स्टांप पेपर पर एक नकली गिफ्ट डीड (शेयर ट्रांसफर डीड) बनवाई। इस गिफ्ट डीड को असली दिखाने के लिए उस पर अजय अग्रवाल के फर्जी हस्ताक्षर भी कर दिए गए।
फर्जी गिफ्ट डीड को नोटरी कराया
पीड़ित अजय अग्रवाल ने रिपोर्ट में बताया कि जिस दिन उसके नाम से स्टांप पेपर खरीदा गया, उस दिन वह रायगढ़ में मौजूद ही नहीं था। उसका आरोप है कि हरविलास अग्रवाल और उसके बेटों ने फर्जी गिफ्ट डीड बनवाकर उसे नोटरी से सत्यापित भी करवा लिया। जबकि गिफ्ट डीड को केवल रजिस्ट्रार (पंजीयक) ही वैध रूप से निष्पादित कर सकता है, नोटरी को इसकी अनुमति नहीं होती।
ओडिशा के वकील से मिली जानकारी
करीब दो हफ्ते पहले ओडिशा के एक जान-पहचान वाले वकील ने अजय अग्रवाल से यह पूछताछ की कि क्या उसने ‘श्री बांके बिहारी इस्पात प्राइवेट लिमिटेड’ के शेयर हरविलास अग्रवाल को दानपत्र (गिफ्ट डीड) के जरिए ट्रांसफर कर दिए हैं। यह सुनकर अजय हैरान रह गया। उसने साफ कहा कि उसने कभी भी अपने शेयर हरविलास के नाम नहीं किए हैं। तभी उसे इस धोखाधड़ी की जानकारी मिली।
थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई
जब अजय अग्रवाल को पूरा मामला समझ में आया, तो उसे पता चला कि उसके भाई ने उसके साथ साढ़े चार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। इसके बाद उसने पूंजीपथरा थाना में इसकी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर हरविलास अग्रवाल और उसके दोनों बेटों आयुष अग्रवाल और प्रणव अग्रवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 34 और 420 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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