सेमी क्लासिकल नृत्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया
रायगढ़ टॉप न्यूज 02 अप्रैल। आगरा में आयोजित दो दिवसीय “ताज उत्सव” में शहर की उभरती प्रतिभाएं निधी व दीक्षा रतेरिया ने सेमी क्लासिकल नृत्य में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए 10 राज्यों से जुटें सैकड़ों कला संस्कृति एवं साहित्य साधक को पछाड़ते हुए सेमी क्लासिकल नृत्य में प्रथम स्थान हासिल किया है। निधी व दीक्षा शहर के सरला विला निवासी *समाजसेवी अनूप रतेरिया व श्रीमती शालू रतेरिया की पुत्री है। दरअसल 24-25, मार्च को आगरा में नटरांजलि थियेटर आर्ट्स द्वारा कला संस्कृति और साहित्य का महासंगम *”ताज उत्सव” का आयोजित किया गया था। जिसमें देश भर के 10 राज्यों से सैकड़ों कला संस्कृति एवं साहित्य साधक ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में देश भर के जाने-माने प्रतिष्ठित कलाकार जिनमें विशेष प्रतिभा प्रदर्शन के साथ ही नृत्य, नाट्य, संगीत, कला, कविता पाठ, बुक प्रदर्शनी, एवं साहित्यिक चर्चा परिचर्चा पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में शामिल होने रायगढ़ से निधी व दीक्षा रतेरिया अपनी मां श्रीमती शालू रतेरिया के साथ आगरा व वृन्दावन पहुंचे थे । दोनों ही बहनों ने सेमी क्लासिकल नृत्य में अपनी शानदार प्रस्तुति से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया और प्रथम स्थान हासिल की।





वहीं मथुरा में इंडिया ह्यूमैनिटी फाउंडेशन वृन्दावन द्वारा आयोजित कृष्णा रस महोत्सव में भी निधी व दीक्षा हिस्सा लेते हुए सेमी क्लासिक में बेहतरीन प्रस्तुति देकर धमाल मचा दिया। इनके शानदार प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया। यहां निधी व दीक्षा ने *द्वितीय स्थान प्राप्त कर शहर का नाम रौशन किया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व परिजन के अलावा अपनी गुरू प्रेरणा देवांगन को दिया है। प्रेरणा देवांगन ने कहा कि अगर माता पिता अपने बच्चों पर ध्यान दें तो नृत्य प्रतियोगिता में निश्चित ही सफलता हासिल करेंगे और देश ही नहीं विदेश में भी अपना परचम लहराएंगे।
12 वर्षीय निधी रतेरिया व 7 वर्षीय दीक्षा रतेरिया ओपी जिंदल स्कूल की छात्रा हैं। निधी कक्षा 7 वीं व दीक्षा कक्षा 2 में अध्ययनरत है। दोनों ही बहने बचपन से ही नृत्य के प्रति रूचि रखती है। इसके पहले भी वे स्थानीय व दूसरे शहरों में अपनी कला का प्रदर्शन कर कई एवार्ड जीत चुकी हैं।
अलका सिंह शर्मा ने बताया कि यह दो दिवसीय कला संस्कृति से सराबोर रंगारंग सांस्कृतिक उत्सव है जिसमें भारत के 10 प्रांतों (झारखंड, बिहार, असम, पश्चिम बंगाल, ओडीशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश) के सैकड़ों कलाकार एक ही मंच पर विभिन्नता में एकता एवं वसुधैव कुटुंबकम का परिचय दिया।
