Raigarh News: सिलाई मशीन दिलाने के नाम पर 92 महिलाओं से ठगी, एनजीओ सदस्य बताकर 1.66 लाख रुपए लिए, मशीन भी नहीं मिली, FIR दर्ज

रायगढ़ September 28, 2026 • रिपोर्टर: raigarh top news
Raigarh News: सिलाई मशीन दिलाने के नाम पर 92 महिलाओं से ठगी, एनजीओ सदस्य बताकर 1.66 लाख रुपए लिए, मशीन भी नहीं मिली, FIR दर्ज

Raigarh News: सिलाई मशीन दिलाने के नाम पर 92 महिलाओं से ठगी, एनजीओ सदस्य बताकर 1.66 लाख रुपए लिए, मशीन भी नहीं मिली, FIR दर्ज

 

रायगढ़। रायगढ़ जिले के कोतरा रोड थाना क्षेत्र में सिलाई मशीन दिलाने के नाम पर 92 महिलाओं से करीब 1.66 लाख रुपए की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला ने खुद को NGO से जुड़ा सदस्य बताकर महिलाओं को मुख्यमंत्री योजना के तहत सिलाई मशीन और आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा दिया। महिलाओं से फॉर्म फीस और अन्य राशि के नाम पर रकम जमा कराई गई, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी न तो सिलाई मशीन मिली और न ही जमा रकम वापस की गई।

शिकायत मिलने के बाद कोतरा रोड पुलिस ने महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला किरोड़ीमल नगर निवासी श्वेता साहू (38) से जुड़ा है, जो उच्चभिट्ठी रोड पर विश्वकर्मा फैब्रिकेशन के सामने आकृति सिलाई सेंटर चलाती हैं। उनके साथ करीब 91 अन्य महिलाएं भी काम करती हैं।

श्वेता साहू के मुताबिक, 10 दिसंबर 2025 को इशिता विश्वकर्मा नाम की एक महिला उनके सिलाई सेंटर पहुंची थी। उसने अपना परिचय लछनपुर, बाबा डेरा, जांजगीर-चांपा निवासी के रूप में दिया। आरोप है कि महिला ने खुद को एक NGO से जुड़ा सदस्य बताया और कहा कि वह महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिलाने के साथ मुख्यमंत्री योजना के तहत सिलाई मशीन उपलब्ध कराने का काम करती है।

महिलाओं को बताया गया कि सिलाई मशीन प्राप्त करने के लिए 550 रुपए फॉर्म फीस और 1,500 रुपए जमा करने होंगे। इसके बाद शासन की ओर से 15 हजार रुपए की सहायता राशि के साथ सिलाई मशीन दिए जाने की बात कही गई। योजना और मशीन मिलने की उम्मीद में महिलाओं ने उसकी बात पर भरोसा किया।

इसके बाद महिलाओं को दो समूहों में बांटा गया। शुरुआत में महिलाओं से 260-260 रुपए नकद लिए गए। आरोप है कि इसके बाद इशिता ने सिलाई सेंटर आना बंद कर दिया। ऑनलाइन भुगतान के लिए महिलाओं को भवानी चॉइस सेंटर का मोबाइल नंबर दिया गया, जहां रकम जमा करने को कहा गया।

शिकायत के मुताबिक, पहले समूह की करीब 45 महिलाओं से अलग-अलग किश्तों में लगभग 70 हजार रुपए ऑनलाइन जमा कराए गए। दूसरे समूह की करीब 47 महिलाओं से सुरुचि साहू ने करीब 96 हजार रुपए एकत्र कर ऑनलाइन भुगतान किया। कुछ महिलाओं ने अपने स्तर पर भी रकम भेजी। इस तरह महिलाओं के अनुसार कुल करीब 1.66 लाख रुपए जमा किए गए।

रकम जमा करने के करीब दो महीने बाद महिलाओं ने सिलाई मशीन के संबंध में इशिता से जानकारी लेना शुरू किया। आरोप है कि जब महिलाएं मशीन के बारे में पूछती थीं तो उन्हें अलग-अलग कारण बताकर टाल दिया जाता था। महिलाओं को मशीन जल्द मिलने की बात कही जाती रही, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी मशीन नहीं मिली।

इसके बाद महिलाओं ने जमा की गई रकम वापस करने की मांग भी की। शिकायत के अनुसार, रकम लौटाने के बजाय मामले को लगातार टाला जाता रहा। इससे महिलाओं को योजना और उनसे रकम लेने की प्रक्रिया को लेकर संदेह होने लगा।

महिलाओं ने इशिता से उसके NGO से जुड़े होने और योजना के संबंध में दस्तावेज और अन्य जानकारी भी मांगी। आरोप है कि वह NGO तथा योजना के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही थी। इसी दौरान महिलाओं के हाथ इशिता का आधार कार्ड लगा। इसमें नाम ईशु घसिया दर्ज होने की बात सामने आई।

आधार कार्ड में अलग नाम सामने आने के बाद महिलाओं को कथित ठगी का संदेह और गहरा गया। इसके बाद श्वेता साहू ने कोतरा रोड थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी महिला के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। मामले में महिलाओं से रकम किस माध्यम से जमा कराई गई, पैसा किस खाते में गया, योजना और NGO के संबंध में किए गए दावों की वास्तविकता क्या थी और रकम का इस्तेमाल कहां किया गया, इसकी जांच की जा रही है।

मामले में पुलिस द्वारा बैंक लेनदेन और ऑनलाइन भुगतान से संबंधित जानकारी भी जांच का हिस्सा बनाई जा सकती है। महिलाओं से लिए गए पैसों और उनके भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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