दरवाजे पर दस्तक देंगे ‘33 सवाल’… आज से शुरू हुई बड़ी प्रक्रिया, एक गलती पड़ सकती है भारी!

छत्तीसगढ़ April 16, 2026 • रिपोर्टर: raigarh top news
दरवाजे पर दस्तक देंगे ‘33 सवाल’… आज से शुरू हुई बड़ी प्रक्रिया, एक गलती पड़ सकती है भारी!

दरवाजे पर दस्तक देंगे ‘33 सवाल’… आज से शुरू हुई बड़ी प्रक्रिया, एक गलती पड़ सकती है भारी!

रायपुर।
आज से छत्तीसगढ़ में एक ऐसी प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो हर घर, हर परिवार और हर व्यक्ति तक पहुंचने वाली है। यह सिर्फ एक सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि ऐसा रिकॉर्ड है जो आने वाले वर्षों की योजनाओं और फैसलों की दिशा तय करेगा। लेकिन इसमें जरा सी लापरवाही भी मुश्किल खड़ी कर सकती है।

भारत की 16वीं जनगणना यानी जनगणना 2027 का पहला चरण आज 16 अप्रैल से शुरू हो गया है। इस बार सरकार ने लोगों को बड़ी राहत देते हुए ‘स्व-गणना’ की सुविधा दी है, जिससे अब आप खुद ही अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं।

इसके लिए आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर लॉगइन कर डिटेल्स जमा करनी होंगी। जानकारी सबमिट करने के बाद एक रेफरेंस आईडी मिलेगी, जो मोबाइल और ईमेल पर भेजी जाएगी। यह ऑनलाइन प्रक्रिया 30 अप्रैल तक जारी रहेगी।

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। 1 मई से 30 मई के बीच जनगणना अधिकारी घर-घर पहुंचेंगे और दी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे। इस दौरान हर परिवार से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनका सही जवाब देना अनिवार्य होगा।

इन सवालों में सिर्फ नाम और संख्या ही नहीं, बल्कि घर की स्थिति, दीवार-छत की सामग्री, पानी और बिजली की व्यवस्था, शौचालय, रसोई, इंटरनेट, मोबाइल, वाहन से लेकर परिवार की सामाजिक स्थिति तक हर पहलू शामिल है। यानी आपकी जिंदगी का लगभग हर हिस्सा इस प्रक्रिया में दर्ज होगा।

सरकार का मानना है कि इस बार की जनगणना ज्यादा सटीक और डिजिटल होगी, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा सके। लेकिन लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि इतनी विस्तृत जानकारी का इस्तेमाल कैसे और कहां होगा।

अब असली चुनौती यही है—क्या लोग इस प्रक्रिया को गंभीरता से लेंगे या लापरवाही कर बैठेंगे? क्योंकि इस बार आपके दिए गए जवाब ही तय करेंगे कि सरकार की नजर में आपकी पहचान क्या होगी।

 

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