Raigarh News: रायगढ़ में दुष्कर्म मामले में 20 साल का कारावास:ग्रामीण ने शादी का झांसा देकर नाबालिग से किया था रेप, कोर्ट ने अर्थदंड से भी किया दंडित
Raigarh News: रायगढ़ में दुष्कर्म मामले में 20 साल का कारावास:ग्रामीण ने शादी का झांसा देकर नाबालिग से किया था रेप, कोर्ट ने अर्थदंड से भी किया दंडित
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में नाबालिग के साथ दुष्कर्म मामले में आरोपी को अतिरिक्त सत्र न्यायधीश ने 20 साल की सजा सुनाई है। आरोपी शादी का झांसा देकर घर से भगा ले गया था। न्यायलय ने आरोपी को 8 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। घटना जोबी चौकी क्षेत्र की है।
मामले का संक्षेप अभियोजन पक्ष के अनुसार इस प्रकार है कि पीड़िता के पिता ने बताया कि 14 वर्षीय बेटी 14 मई 2024 की रात 11 बजे खाना कमरे में सोयी थी।
अगले दिन सुबह 6 बजे जब वह सोकर उठा तो देखा कि उसकी बेटी घर में नही है और उसके कपडे़ भी घर में नही थे। इसके बाद उसके पिता ने रिश्तेदारों में पतासाजी की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। ऐसे में उसे संदेह हुआ कि कोई उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसला ले गया है। जिसके बाद उसने पूरे मामले की जानकारी जोबी चैकी में देते हुए रिपोर्ट दर्ज कराया। जहां पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 363 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। 21 मई 2024 को पीडिता को बरामद किया गया।
मोटर सायकिल में बैठाकर ले गया इसके बाद महिला पुलिस अधिकारी द्वारा बयान लेने पर पीड़िता ने बतायी कि गांव में ही पड़ोस में रहने वाला लक्ष्मण दास महंत एक साल पहले पसंद करता हूं और कहता था कि शादी करना चाहता हूं। तब पीड़िता के द्वारा खुद को नाबालिग होने का हवाला दिया गया, लेकिन इसके बाद भी वह जबरदस्ती बातचीत करता था। इसी बीच 14 मई 2024 को लक्ष्मण दास उसे शादी करूंगा कहकर जबरदस्ती उसे अपनी मोटर सायकल में बैठाकर बिलासपुर ले गया। बिलासपुर के लेबर काॅलोनी में किया दुष्कर्म जहां लेबर कालोनी बिलासपुर में किराए में रखा और मारपीट करते हुए 20 मई तक उससे शारीरिक संबंध बनाया। 21 मई 2024 को बिलासपुर से गांव लाकर उसे छोड़कर चला गया।
पीड़िता के बयान पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 366, 376 (2) (एन) 323 पाॅस्को एक्ट जोड़ते हुए लक्ष्मण दास महंत को गिरफ्तार किया। आरोपी का दोष सिद्ध पाया गया जिसके बाद प्रकरण पाॅक्सो न्यायालय में पेश किया गया। जहां प्रकरण में अतिरिक्त सत्र न्यायधीश देवेन्द्र साहू दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद आरोपी का दोष सिद्ध पाया गया। ऐसे में न्यायधीश ने आरोपी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाते हुए 8 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है। मामले में अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर ने पैरवी की।