“मैं प्रधानमंत्री हूं, फिर भी लोग मुझे अलग-अलग तरीके बताते हैं…” – परीक्षा पे चर्चा में पीएम मोदी का ऐसा मंत्र, जो हर छात्र के दिल को छू गया

नई दिल्ली।
परीक्षा के दबाव, परिवार की उम्मीदें और टीचर्स की अलग-अलग सलाह… इन्हीं उलझनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में छात्रों को ऐसा अध्ययन मंत्र दिया, जिसने लाखों बच्चों की टेंशन को हल्का कर दिया।
कार्यक्रम के पहले अध्याय ‘आपकी शैली, आपकी गति’ के दौरान गुजरात की एक छात्रा ने पीएम मोदी से बेहद अहम सवाल पूछा। छात्रा ने कहा कि परीक्षा के समय शिक्षक अलग तरीके से पढ़ने को कहते हैं, माता-पिता कुछ और सलाह देते हैं, जबकि छात्र का अपना एक अलग पैटर्न होता है। ऐसे में सही रास्ता क्या है?
👉 पीएम मोदी का जवाब चौंकाने वाला था।
प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा,
“मैं प्रधानमंत्री बन गया हूं, फिर भी लोग मुझे रोज अलग-अलग तरीके से काम करने को कहते हैं। लेकिन हर किसी का अपना तरीका होता है।”
खाने की थाली से पढ़ाई का बड़ा सबक
छात्रों को सहज भाषा में समझाते हुए पीएम मोदी ने एक दिलचस्प उदाहरण दिया। उन्होंने कहा,
“जब परिवार के लोग साथ बैठकर खाना खाते हैं, तो कोई दाल से शुरू करता है, कोई सब्जी से और कोई सब कुछ मिलाकर खाता है। जब वे अपने तरीके से खाते हैं, तभी उन्हें असली मजा आता है।”
यही बात पढ़ाई पर भी लागू होती है।
“अपनी गति पर भरोसा रखो” – पीएम मोदी का स्टडी मंत्र
प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा—
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कुछ छात्र सुबह बेहतर पढ़ते हैं
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कुछ रात में ज्यादा फोकस कर पाते हैं
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हर छात्र का पैटर्न अलग होता है और वही सही होता है
उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि सबकी बात सुनो, लेकिन तरीका तभी बदलो जब तुम्हें खुद लगे कि उससे फायदा हो रहा है।
परीक्षा पे चर्चा से भी दिया उदाहरण
पीएम मोदी ने खुद ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए कहा कि जब यह कार्यक्रम शुरू हुआ था, तब इसका पैटर्न अलग था। समय के साथ इसमें बदलाव किए गए, अलग-अलग राज्यों में छात्रों से संवाद हुआ, लेकिन मूल सोच और तरीका नहीं बदला गया।
छात्रा का दिल छू लेने वाला रिएक्शन
प्रधानमंत्री का जवाब सुनकर छात्रा भावुक हो गई। उसने कहा कि पीएम मोदी बच्चों के साथ बिल्कुल घुल-मिल गए और यह समझा दिया कि
“हमें अपने पैटर्न में फोकस करना है, लेकिन दूसरों की अच्छी बातें भी अपनानी हैं।”
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