छत्तीसगढ़

आयुष्मान का भुगतान रोका, बीमा कंपनी को तीन दिन की मोहलत होगी कड़ी कार्रवाई

रायपुर/हरिभूमि। प्रदेश में लागू आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मरीजों का उपचार करने वाले शासकीय और निजी अस्पतालों को बीमा कंपनी द्वारा भुगतान नहीं किया जा रहा। शासन से प्रीमियम की पूरी राशि मिलने के बाद भी अस्पतालों के उपचार की राशि रोक दी गई है। लगातार मिलने वाली शिकायतों के बाद स्वास्थ्य संचालक ने रेलीगेयर बीमा कंपनी को तीन दिन में पूरा भुगतान करने का नोटिस दियाहै। ऐसा नहीं होने पर बीमा कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने की ​चेतावनी दी गई है।

प्रदेश में लागू स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मरीजों का उपचार रकने वाले अस्पतालों को भुगतान नहीं किए जाने की शिकायत बहुत पुरानी है। इसे लेकर कई बार निजी अस्पताल संचालक अपना विरोध जताते हुए स्वास्थ्य बीमा योनजा में इलाज बंद कर चुके हैं। इसके बाद भी कंपनी अपने भुगतान की प्रक्रिया में सुधार नहीं करती। इस बार भी निजी के साथ शासकीय अस्पतालों में भी किए गए उपचार के भुगतान की समस्या आन खड़ी हुई है।

सूत्रों के मुताबिक रेलीगेयर बीमा कंपनी द्वारा दोनों स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में बीस जून के बाद एिक गए उपचार का भुगतान नहीं किया गया। प्रदेश में रोजाना लगभग तीन करोड़ का इलाज इन योजनाओं के तहत किया जाता है। अस्पतालों को राशि नहीं मिलने के कारण उनकी उपचार व्यवस्था प्रभावित हो रही है और इसका सीधा असर स्वास्थ्य बीमा योजना पर पड़ रहा है।

निजी अस्पतालों से मरीजों को इस योजना में उपचार करने के बजाए लौटा दिया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि बीत 20 दिनों में हुए इलाज के 20 करोड़ का भुगतान करने के बजाए कंपनी विभिन्न हथकंडे अपनाकर भुगतान रोक रही है। लगातार मिल रही शिकायतों के बादइस तरतफ स्वास्थ्य विभाग ने ध्यान दिया है और बीमा कंपनी को लेकर कड़ा रुख अखित्यार किया है।

संचालक स्वास्थ्य सेवा और स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के सीईओ की और से बुधवार को रेलीगेयर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को चेतावनी जारी कर दी गई है। बीमा कंपनी को शासकीय और निजी अस्पतालों के पूरा लंबित भुगतान करने के लिए तीन दिनों की मोहलत दी गई है। ऐसा नहीं होने पर उन्हें स्वास्थ्य बीमा योजना के टेंडर में भाग नहीं लेने दिया जाएगा और कंपनी को सीधे काली सूची में शामिल कर लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की सख्ती के बाद अस्पतालों को लंबित भुगतान में राहत मिल सकती है।

रेलीगेयर इंशोरेंस कंपनी को शासन की ओर से स्वास्थ्य बीमा योजना की प्रीमियम राशि के रूप में लगभग 502 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है, लेकिन बीमा कंपनी ने अस्पतालों को लगभग 350 करोड़ रुपए ही भुगतान किया है। अस्पताल सूत्रों का कहना कि बीमा कंपनी द्वारा अंतिम दिनों में दस्तावेजी प्रक्रिया में कमी बताकर भुगतान अटका दिया जाता हैं।

नियम के मुताबिक भुगतान करें
शिकायत मिल रही थी कि रेलीगेयर इंश्योरेंस कंपनी शासकीय और निजी अस्पताल को स्वास्थ्य योजना के तहत किए गए उपचार का भुगतान नहीं कर रही है। उन्हें निर्धारित नियम के तहत भुगतान करना चाहिए। इसे लेकर बीमा कंपनी को नोटिस भी जारी कर तीन दिनों में भुगतान करने कहा गया है।
– शिखा राजपूत ​तिवारी, संचा लक स्वास्थ्य सेवा एवं सीईओ स्वास्थ्य बीमा योजना

पहले होनी थी कार्रवाई
बीमा कंपनी द्वारा अस्पतालों का भुगतान लटकाया जाता है। इससे शासन की स्वास्थ्य बीमा योजना पर असर पड़ रहा है। भुगतान नहीं होने के कारण अस्पतालों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ता है। बीमा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई बहुत पहले हो जानी चाहिए थी।
– डॉ. राकेश गुप्ता, चेयरमैन, हास्पिटल बोर्ड (आईएमए)

पूरी जानकारी लेकर बता पाएंगे
इस मामले में रेलीगेयर इंश्योरेंस कंपनी के अफसरों से संपर्क किया गया, तो उनका कहना था कि वे इस नोटिस के बारे में स्थिति की पूरी जानकारी लेने के बाद ही कुछ बता पाएंगे। स्वास्थ्य विभाग की आरे से जारी किए गए इस नोटिस के बाद बीमा कपंनी में भी हड़कंप मचा हुआ है और वे इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करने में जुटे हुए हैं।

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