रायगढ़

डेंगू की रोकथाम एवं बचाव के संबंध में कार्यशाला आयोजित

रायगढ़ टॉप न्यूज 17 मई। छ.ग.राज्य शासन द्वारा समस्त जिलों में 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केसरी के निर्देशन में कल डेंगू विषय पर कार्यशाला तथा डेंगू के रोकथाम एवं बचाव के संबंध में जनसामान्य को जानकारी दी गई।  इस अवसर पर कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के समस्त स्टॉफ एवं अधिकारियों को डेंगू बीमारी पर चर्चा किया गया एवं स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के अन्तर्गत ए.एन.एम. ट्रेनिंग सेंटर में भी प्रचार्या श्रीमती कदम त्रिपाठी के अध्यक्षता में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ जिसमें जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. टी.जी. कुलवेदी द्वारा ट्रेनिंग सेंटर के समस्त विद्यार्थी/छात्राओं को डेंगू विषय पर क्वीज प्रतियोगिता आयोजित कर विस्तृत जानकारी दी गई। इस मौके पर कार्यक्रम में उपस्थित सभी छात्राओं को बताया गया कि डेंगू मच्छर एडीज एजीप्टि दिन के समय काटता है और संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ्य व्यक्ति को डेंगू वायरस पहॅुचाता है। फिर डेंगू के लक्षण दिखने लगते है जिसमें बुखार आना, सिर दर्द, हाथ पैर के जोडों में दर्द, आंखों के अन्दर दर्द होना, त्वचा में लाल चकते उभर आना और गंभीर अवस्था में मुंह और नाक से खून बहना प्रारंभ हो जाता है जो कि डेंगू हेमोरेजिक फीवर (डीएचएफ) कहा जाता है। इन लक्षणों से ग्रसित व्यक्ति का जांच डेंगू एनएस-1 रैपिड टेस्ट कीट से जांच की जाती है और पुष्टिकरण हेतु एलीजा रीडर मशीन से जांच उपरांत ही सकारात्मक रिपोर्ट आने पर स्वास्थ्य विभाग पुष्टि करता है डेंगू पाजीटीव है। डेंगू वायरस चार प्रकार के होते है डीईएन-1, डीईएन-2, डीईएन-3 एवं डीईएन-4।

स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायगढ़ में एलीजा जांच सुविधा उपलब्ध है। डॉ. टी.जी. कुलवेदी ने बताया कि डेंगू मच्छर से बचने के लिए प्रत्येक सदस्य को अपने घर के आस-पास साफ-सफाई रखनी चाहिए। नालियों में जला हुआ मोबिल, मिट्टी तेल का छिड़काव करना चाहिए। हमेशा फूलआस्तीन के वस्त्र पहनना चाहिए, रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए, कुलर में स्थिर पड़े हुए पानी का निष्कासन, टायर, नारियल खोल इत्यादि में ठहरे हुए पानी को खाली करना चाहिए जिन जगहों पर उपयोग में आने वाले पानी में खाली नहीं कर पाने की स्थिति में 30 एमएल पेट्रोल को प्रति 100 लीटर पानी में मिश्रित करना चाहिए जिससे कि डेंगू के लार्वा नष्ट हो जाते है। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केसरी, डी.एच.ओ डॉ. के.डी. पासवान, डी.आई.ओ. डॉ. भानू पटेल, डी.पी.एम. गणपत नायक, डॉ. कल्याणी पटेल, निर्मल प्रसाद साहू एवं गौतम प्रसाद सिदार और समस्त स्टॉफ एवं छात्राएं उपस्थित थेे।

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