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पश्चिम बंगाल रोड शो हिंसा : अगर CRPF न होती तो मेरा वहां से बच निकलना बहुत मुश्किल था – अमित शाह

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में भाजपा व टीएमसी के बीच टकराव थमने का नाम नहीं ले रही है। पूरे लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में हिंसा की खबरें चर्चा में रही। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कल यानि 14 मई की शाम को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एक रोड शो किया था। जिसमें हिंसा की खबरें आईं थी। इस मामले को लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह बीजेपी हेडक्वाटर पर प्रेस कांफ्रेस करते हुए कहा कि अब तक चुनाव के 6 चरण समाप्त हो चुके हैं, इन 6 के 6 चरणों में सिवाय बंगाल के कहीं भी हिंसा नहीं हुई इसका साफ मतलब है कि टीएमसी ही हिंसा करा रही है। अमित शाह के प्रेस कांफ्रेस की मुख्य बातें भाजपा शासित 16 के 16 राज्यों में कहीं भी इस प्रकार की घटना नहीं हुई, अन्य राज्यों में भी ऐसी हिंसा नहीं हुई। अकेले TMC शासित राज्य में ऐसा हो रहा है। लेकिन चुनाव आयोग बंगाल की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है।

-मैं इतना कहना चाहता हूं कि अगर CRPF न होती तो मेरा वहां से बच निकलना बहुत मुश्किल था, सौभाग्य से ही मैं बचकर आया हूं। हमारे बहुत कार्यकर्ता मारे गए हैं, मुझ पर हमला होना भी स्वाभाविक था, इससे ये तय हो गया है कि TMC किसी भी हद तक जा सकती है
– अगर आप ये संदेश देना चाहती हैं कि मुझ पर एफआईआर करके भाजपा के कार्यकर्ता डर जाएंगे, मैं आपको सुनिश्चित करता हूं कि भाजपा का कार्यकर्ता और वहां की जनता सातवें चरण में और भी ज्यादा आक्रोश के साथ आपके खिलाफ मतदान करने जा रहे हैं।
– मुझ पर एफआईआर दर्ज की गई है। ममता दीदी आपकी एफआईआर से हम भाजपा वाले नहीं डरते। हमारे 60 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की जान आपके गुंडों ने ले ली है फिर भी हमने अपना अभियान नहीं रोका है।
– अब बंगाल की जनता ममता जी को हटाने का मन बना चुकी है और मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि इस बार बंगाल में भाजपा 23 से अधिक सीटें जीतने जा रही है।
– मैंने बंगाल की जनता के आक्रोश को देखा है, जैसी स्थिति वहां ममता दीदी ने बनाई है उसे जनता स्वीकार नहीं कर सकती।
– मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि पांचवें और छठे चरण के बाद भाजपा अकेले पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार कर चुकी है। सातवें चरण के बाद 300 सीटों से ज्यादा जीतकर हम नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनाने जा रहे हैं।
– जिस प्रकार से बंगाल के अंदर हिंसा का तांडव चला है, मेरा मीडिया के मित्रों से भी अनुरोध है कि इस पर पूरे देश का ध्यान आकृष्ट करना चाहिए।
– बंगाल में चुनाव आयोग मूक दर्शक बना है। चुनाव आयोग ने तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। मैं पूछना चाहता हूं कि क्यों चुनाव आयोग चुप बैठा है? इन सब के बाद चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
– वोटबैंक की राजनीति के लिए महान शिक्षाशास्त्री की प्रतिमा का तोड़ने का मतलब है कि टीएमसी की उल्टी गिनती शुरू हो गई।
– जहां ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतीमा रखी है वो जगह कमरों के अंदर है। कॉलेज बंद हो चुका था, सब लॉक हो चुका था, फिर किसने कमरे खोले। ताला भी नहीं टूटा है, फिर चाबी किसके पास थी। कॉलेज में टीएमसी का कब्जा है
– सुबह से पूरे कोलकाता में चर्चा थी कि यूनिवर्सिटी के अंदर से आकर कुछ लोग दंगा करेंगे। पुलिस ने कोई जांच नहीं की और न ही किसी को गिरफ्तार करने की कोशिश की गयी।
– रोड शो से पहले ही वहां लगे पोस्टर फाड़ दिए गए। रोड शो शुरू हुआ, जिसमें अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा, 2.30 घंटे तक शांतिपूर्ण तरीके से रोड शो चला। 3 बार हमले किये गए और तीसरे हमले में तोड़फोड़, आगजनी और बोतल में केरोसिन डालकर हमला किया गया।
– मैं ममता जी को बताना चाहता हूं कि आप सिर्फ 42 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं और भाजपा देश के सभी राज्यों में चुनाव लड़ रही है । मगर कहीं पर भी हिंसा नहीं हुई, लेकिन बंगाल में हर चरण में हिंसा हुई इसका साफ़ मतलब है कि हिंसा TMC कर रही है।

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