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भीड़ ने इंस्पेक्टर सुबोध की पिस्टल छीनकर सिर में मारी थी गोली

गोली मारने के बाद भी लाठी-डंडे से पीटती रही भीड़
हत्या मामले में गोकशी का शिकायतकर्ता ही है मुख्य आरोपी

बुलंदशहर 4 दिसंबर 2018। गोहत्या के शक में हिंसक हुई भीड़ के द्वारा बुलंदशहर में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या मामले में जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। खबरों के मुताबिक भीड़ ने इंस्पेक्टर सुबोध के सर पर गोली मारी थी, यही नहीं गोली लगने के बाद भी भीड़ उन्हें पीटती रही। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि उनकी आंख के पास गोली लगने मौत हुई। साथ ही उनके शरीर पर घुटने, कमर, कंधे और पीठ पर डंडों की मार के निशान पाए गए हैं। पुलिस को शक है कि भीड़ ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की सर्विस रिवाल्वर और वायरलेस सेट छीन लिया था और इसी से उनके सिर में गोली मार दी गई।

बताया जा रहा है कि गोकशी के बाद हुए बवाल में हमलावर भीड़ ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया था। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो कुछ 10-12 युवकों ने सुबोध सिंह को घेर लिया था और उनकी सरकारी पिस्टल लूट ली। बकौल प्रत्यक्षदर्शियों के इंस्पेक्टर ने अपनी सरकारी पिस्टल से फायर कर दिया। एक गोली हमलावर युवकों में शामिल एक को पैर से छूते हुए निकल गई। इसके बाद हमलावरों ने इंस्पेक्टर को दबोच लिया और उनकी पिस्टल तक छीन ली। ईंट से इंस्पेक्टर सुबोध के सिर पर कई वार किए और इसके बाद एक आरोपी युवक ने गोली सिर में उतार दी।

बच सकते थे सुबोध सिंह
लोगों के बीच बवाल में फंसे कोतवाल को उनके हमराह और पुलिस बल ने दगा दे दिया। भीड़ के पथराव-फायरिंग करते ही स्याना कोतवाल को वाहन में ही छोड़कर हमराह भाग निकले। करीब 15 मिनट तक घायल अवस्था में कोतवाल सुबोध कुमार सरकारी वाहन से खेत में लटकी अवस्था में पड़े रहे। बाद में उन्हें वहां से अस्पताल ले जाया गया। जहां उनकी मौत हो गई।

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में गोकशी की ख़बर पर भीड़ की हिंसा के मामले में 27 लोगों को नामज़द किया गया है. इन पर 17 धाराओं में मुक़दमा दर्ज किया गया है. योगेश राज मुख्य आरोपी है जो कि गोकशी मामले में शिक़ायतकर्ता भी है. 50-60 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ भी मामला दर्ज किया है. इस मामले में 4 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ हो रही है. दरअसल, इस हिंसा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और एक आम नागरिक की मौत हो गई. इतना ही नहीं, उग्र भीड़ ने पुलिस चौकी फूंक दी, दर्जनों गाड़ियां जला दी. हिंसक भीड़ मृतक इंस्पेक्टर का सरकारी पिस्टल और मोबाइल भी लूट कर ले गई.

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