रायगढ़

आदर्श ग्राम्य भारती में हिन्दी दिवस की रही धूम

रायगढ़ टॉप न्यूज 14 सितम्बर। 

‘‘मैं राष्ट्रगान के मस्तक पर, सदियों से अंकित बिन्दी हूँ।

मैं सबकी जानी पहचानी, भारत की भाषा हिन्दी हूँ।।

मेरी बोली में मीरा ने, मनमोहक काव्य सुनाया है।

और सूरदास के गीतों में, मैंने कम मान न पाया है।।

वह तुलसी की रामायण भी, मेरे स्तर में गुंजार हुई।

संतो विद्वानों की वाणी, गुंजरित और साकार हुई।।

रसखान, रहीम, जायसी ने, मेरा सम्मान बढ़ाया है।

और पंत, निराला, प्रेमचंद ने, मुझसे सुयष कमाया है।।

भारत में जितनी भाषाएँ, वे मेरी प्रिय सहेली हंै।

आपस में कोई द्वेष नहीं, हम बहनें हैं मुँहबोली हंै।।

जो बेटों में आदर पाए, वह माता किस्मत वाली है।

जो मुखर राष्ट्र के जन गण में, वह भाषा गौरवषाली है।।

 

उक्त कविता श्री विजय कुमार अग्रवाल (अध्यक्ष, ग्राम्य भारती शिक्षण व शोध संस्थान, रायगढ़) ने जिन्दल आदर्श ग्राम्य भारती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, किरोड़ीमलनगर में हिन्दी दिवस के आयोजन के अवसर पर मुख्य अतिथि की आसंदी से मुखरित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान सभा ने 14 सितम्बर सन् 1949 को एक मत से निर्णय लिया कि हिन्दी भारत की राज भाषा होगी। इस महत्वपूर्ण निर्णय के महत्व को प्रतिपादित करने तथा हिन्दी को प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिस्थापित करने के लिए राष्ट्रभाषा प्रचार समिति ने 14 सितम्बर को प्रतिवर्ष हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है। ‘स्वतंत्रता आंदोलन का समय’ हिन्दी का स्वर्णिम काल कहा जाता है। भारतेंदु हरिश्चन्द्र, मुंशी प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, हरिशंकर परसाई, महादेवी वर्मा, हरिवंश राय बच्चन, सुभद्रा कुमारी चैहान, कुमारी सुमित्रा चैहान, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जैसे लेखक एवं कवियों ने अपनी ओजपूर्ण लेखनी से जनता को स्वतंत्रता आंदोलन के लिए प्रेरित किया व महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
देश के 83 प्रतिशत लोग हिन्दी लिखते, पढ़ते, बोलते एवं समझते हैं। स्मरण रहे प्रतिवर्ष 10 जनवरी को विश्व हिन्दी दिवस के रुप में मनाया जाता है। सन् 1946 में स्वतंत्र भारत के संविधान लेखन के लिए बनी समिति के सामने हिन्दी सर्वोपयुक्त भाषा रही। इस तरह कई विरोधों का सामना करते हुए पहली बार 14 सितम्बर 1953 को हिन्दी दिवस मनाया गया।
विद्यालय के ऊर्जावान प्राचार्य श्री सतीष कुमार पाण्डेय ने हिन्दी भाषा की महत्ता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्र भाषा हिन्दी को भारत की 83 प्रतिशत जनता समझती है व इसके माध्यम से अपने विचार अभिव्यक्त करती है। हिन्दी भाषा में अनेक प्रादेिक भाषाओं के शब्दों का अधिकाधिक प्रयोग होता है जिसमें उर्दू, असमिया, बंगाली, पंजाबी, मराठी, उड़िया, ब्रज, राजस्थानी, भोजपुरी, छत्तीसगढ़ी, गुजराती आदि भाषाओं के कई शब्द हिन्दी में मिलते हैं। हिन्दी भाषा भारतवासियों के लिए सहज व सुबोध होने के कारण इसे राष्ट्र भाषा का दर्जा प्राप्त है। यह भारतीय संस्कृति की संवाहक भाषा है। हिन्दी भाषा राष्ट्रीय एकता व अखण्डता को अक्षुण्ण रखने में महत्वपूर्ण निभाती है। इसी भाषा के माध्यम से भारतीय नागरिक अपनी भावनाओं को सरलता व सहजता से व्यक्त कर सकते हैं।
मुंशी प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, महादेवी वर्मा, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, सुमित्रानंदन पंत, डाॅ. हरिवंश राय बच्चन के छायाचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के विभिन्न विभागों प्राथमिक, माध्यमिक, हाई एवं हायर सेकेण्डरी तथा अंग्रेजी माध्यम के छात्र-छात्राओं द्वारा कई रोचक व मनोरंजक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये जिसमें नाटक, प्रहसन, एकांकी, हिन्दी नारा, हिन्दी कवि सम्मेलन भाषण एवं ड्राईंग-पेंटिंग आदि प्रमुख है। हायर सेकेण्डरी की छात्रा आस्था सिंह व सत्या द्विवेदी द्वारा हिन्दी भाषा पर रोचक कविता पाठ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राथमिक विभाग के 971 छात्र-छात्राओं एवं हाई, हायर सेकेण्डरी विभाग के 623 छात्र-छात्राओं ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम को मूर्तरुप प्रदान करने में श्रीमती जानकी सिंह ठाकुर (व्याख्याता) व श्री पूनम चन्द साहू (व्याख्याता) ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। कार्यक्रम का सफल संचालन कु. किरण पाण्डेय (छात्र संगठन) द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में श्रीमती चारुलता शर्मा (व्याख्याता) द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
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