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J&K: आतंकियों ने अगवा पुलिसकर्मियों के परिजनों को छोड़ा, कहा- आगे रहम नहीं करेंगे

बता दें कि घाटी में सुरक्षाबलों की कार्रवाई से बौखलाए सक्रिय आतंकवादियों ने अब जम्मू कश्मीर के पुलिसवालों के परिवारों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है. बीते 48 घंटों में 11 पुलिसवालों के परिवार के किसी न किसी सदस्य को अगवा कर लिया गया था. इतना ही नहीं आतंकी खुली धमकी दे रहे हैं कि अगर जान प्यारी है तो पुलिस की नौकरी छोड़ दें.

किन-किन लोगों को किया था अगवा?

    • शोपियां में डीएसपी मोहम्मद सईद का भतीजा अदनान अशरफ
    • शोपियां में एएसआई बशीर अहमद का बेटा यासिर अहमद
    • अरवानी में सब इंस्पेक्टर नजीर अहमद का भाई आरिफ अहमद
    • कुलगाम में मोहम्मद मकबूल का बेटा जुबैर अहमद
    • कुलगाम में बशीर अहमद का बेटा फैजान अहमद
    • कुलगाम में पुलिसवाले अब्दुल राथर का बेटा अहमद राथर
    • त्राल में रफीक अहमद का बेटा आसिफ अहमद
    • त्राल में गुलाम हसन का बेटा नासिर अहमद
    • और त्राल में ही एक और पुलिसवाले का बेटा शब्बीर अहमद

माना जा रहा है कि रियाज नायकू ने ये ट्वीट जम्मू कश्मीर के डीजीपी एस पी वैद को चुनौती देते हुए किया है क्योंकि डीजीपी वैद अपने हर ट्वीट के आखिर में इसी तरह लिखते हैं WELL DONE BOYS.  इतना ही नहीं हिज्बुल कमांडर ने इस ट्वीट में न सिर्फ सीधे तौर पर इन अपहरणों की जिम्मेदारी ली बल्कि कश्मीरी पुलिसवालों को चेतावनी भी दी.

रियाज ने ट्वीट में दी जान से मारने की धमकी

रियाज ने अपने ट्वीट में लिखा है, ‘’पुलिस ने हमको मजबूर किया है यह सब करने के लिए. अब कान के बदले कान, मकान के बदले मकान. घर वालों के बदले घर वाले. अब किसी के लिए माफी नहीं. जिसको अपनी जान प्यारी है चुपचाप नौकरी छोड़ दे वरना मौत के लिए तैयार रहो.’’

हिजबुल कमांडर रियाज नायकू वही आतंकी है जिसके पिता असददुल्लाह को कुछ दिन पहले ही सुरक्षाबलों ने पुलवामा में उसके घर पर छापेमारी के दौरान हिरासत में लिया था. पुलिस के मुताबिक पूछताछ के बाद असददुल्लाह को छोड़ दिया गया है. लेकिन ये आतंकी लगातार पुलिस और सुरक्षाबलों पर उनके परिवारवालों को परेशान करने का आरोप लगा रहे हैं.

सेना आतंकियों के खिलाफ चला रही है ऑपरेशन ऑल आउट

दरअसल जब से सुरक्षाबलों ने पुलिस के साथ मिलकर आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन ऑल आउट शुरू किया तब से आतंकियों के लिए घाटी में रहना मुश्किल हो गया. इसीलिए आतंकियों ने पहले पुलिसवालों को निशाना बनाया और अब उनके परिवारवालों को अगवा कर वो ऐसी दहशत पैदा करना चाहते हैं, जिससे स्थानीय युवा पुलिस में भर्ती होने के बारे में न सोचें.

पिछले एक साल में आतंकियों के खिलाफ सेना ने जितने भी बड़े ऑपरेशन किए हैं उसमें उनके बारे में खुफिया जानकारी जुटाने से लेकर आतंकियों का ठिकाना पता लगाने तक में जम्मू कश्मीर पुलिस ने बड़ी भूमिका निभाई है और इसी से घबराए आतंकी अब पुलिसवालों को निशाना बनाने में जुट गये हैं.

अब तक 27 पुलिसवालों को निशाना बना चुके हैं आतंकी

इस साल आतंकी अब तक 27 पुलिसवालों को निशाना बना चुके हैं. जबकि 2017 में 30 पुलिसवाले शहीद हुए थे. और 2016 में 17 पुलिसवाले शहीद हुए. मतलब जम्मू कश्मीर में पुलिस को निशाना बनाने की घटनाएं हर साल बढ़ती जा रही हैं. और ये घटनाएं ज्यादातर दक्षिणी कश्मीर के 7 जिलों में हो रही हैं. ये जिले पुलवामा, बारामुला, अनंतनाग, बडगाम, कुपवाड़ा, शोपियां, कुलगाम और श्रीनगर हैं. दरअसल ये वही जिले हैं जहां आतंकियों का वो नेटवर्क पनप रहा है जो स्थानीय है यानी जो कश्मीर में रहकर भारत के खिलाफ पाकिस्तानी साजिश का हिस्सा बन रहा है.

साभार एबीपी न्यूज

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