रायगढ़

गिरते पानी में बह गई व्यवस्था, विद्यालय परिसर बना सरोवर

रसोईघर में भी भरा पानी, नालियां जाम, रिहायशी बस्तियों में आफत

रायगढ़ टॉप न्यूज 11 जुलाई। पिछले 24 घंटे से रुक-रुक कर हो रही बरसात ने नगर निगम के तमाम दावों की हवा निकाल कर रख दी है। महज 1 दिन के भीतर चंद घंटों की बारिश ने शहर के आबादी क्षेत्रों में तहस-नहस की स्थिति निर्मित कर दी है जिसमें मध्यमवर्गीय बस्तियों से लेकर शासकीय आवासीय कालोनी तक शामिल है। यहां तक कि विद्यालय परिसर व आंगनबाड़ी भवन तक जलमग्न हो सरोवर में तब्दील हो गए हैं। स्थिति यह हो गई कि ठीक चूल्हे के उपर बरसात का पानी टपकने से मिट्टी का चूल्हा भी क्षतिग्रस्त हो गया और स्कूली बच्चों को अधपका भोजन येन-केन परोसा जा सका। दूसरी तरफ नालियों के जाम होने से पानी शासकीय कालोनी में जमा होने लगा जिसे बाउंड्रीवाल में सुराग कर सड़क पर बहाया गया।

गौरतलब है कि बुधवार की सुबह शहर में तीन घंटे की बारिश ने आफत की स्थिति बना दी। शहर के कई स्थल, सड़क मार्ग जलमग्न हो गए जिससे यातायात दोपहर बाद तक प्रभावित रहा। रेलवे अंडरब्रिज मार्ग गंदगी से पट गया और निचली रिहायशी बस्तियों में जलभराव की स्थिति से लोग चिंतित हो उठे। ऐसी ही विकट स्थिति नगर के वार्ड क्र. 28 पंजीरी प्लांट में देखने को मिली जहां वार्ड का एकमात्र शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय तथा आंगनबाड़ी परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया। यहां छोटे बच्चों को विद्यालय के शौचालय तक जाने के लिए भी पानी भरे गड्ढो में उतरने औरर एक-दूसरे को थाम-थाम कर चलने की मजबूरी भी दिखी।

रसाईघर में भी भरा पानी
तेज बरसात के कारण वार्ड 28 स्थित शासकीय प्राथमिक शाला के बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन हेतु बने रसोईघर में भी पानी भर गया। टिन की शेड जगह-जगह टूट जाने से रसोईघर में रखे मसाले, सब्जी तथा ईंधन पानी से भीग गए। साथ ही भोजन पकाने हेतु बनाए गए मिट्टी के चूल्हे के ठीक उपर बड़े सुराग से रसोई में गिरती जलधार ने चूल्हे पर गड्ढे बना दिए, जिससे रसोई बनाने वाली महिलाएं चूल्हा टूटने से सशंकित हो उठी और बच्चों को येन-केन भोजन परोसा जा सका। महिलाओं ने बताया कि उनके द्वारा पिछले एक साल से शेड सुधारने की मांग की जा रही है लेकिन कभी कोई ध्यान नहीं दिया गया नतीजन आज रसोईघर में पानी भर गया है और इससे मिड-डे-मील तैयार करने में दिक्कत आ रही है जो पूरी बरसात चलेगी। वार्ड में सबसे बड़ी समस्या वर्षों से लंबित एक नाली के निर्माण को लेकर हैं, जिसका प्रस्ताव बनकर सालों से निगम में पड़ा हुआ है लेकिन काम अब तक शुरु नहीं किया जा सका। इस नाली के न बनने से हर साल बरसात का पानी गली में जमा होते-होते लोगों के घरों में घुसने लगता है। इस बार भी 11 जुलाई की बारिश में ऐसा ही कुछ हुआ और बरसाती पानी ज् में बहता हुआ लोगों के घरों में घुसने लगा।

शासकीय कालोनी की दुर्दशा
ऐसा नहीं कि वार्ड 28 में केवल मध्यमवर्गीय आबादी बस्ती ही बरसात में समस्या से जूझ रही है बल्कि वार्ड के अंतर्गत स्थित शासकीय श्रेणी 1 स्तर की आफीसर कालोनी का भी बरसात में बुरा हाल है। सफाई के अभाव में कालोनी की नाली पूरी तरह जाम हो गई है जिसके कारण शुक्रवार को जलनिकासी में व्यवधान से कालोनी की रिक्त भूमि पर तालाब की स्थिति बन गई और कोई रास्ता न देख कालोनी की बाउंड्रीवाल में सुराग बनाकर जमा पानी को निकाला गया। यदि ऐसा नहीं किया जाता तो थोड़ी ज्यादा बरसात के बाद सरकारी कालोनी में जलभराव से बड़ी समस्या पैदा हो सकती थी।

महिला कर्मचारी ने दिखाई हिम्मत
शासकीय विद्यालय परिसर पर आंगनबाड़ी केंद्र जब जलमग्न हो गया और छोटे बच्चे सहमकर कक्षाओं में डुबक गए तब संकट बढ़ता देख मिड-डे-मील बनाने हेतु अधिकृत समूह की एक महिला ने हिम्मत दिखाते हुए फावड़ा लेकर परिसर में जमा पानी के निकलने के लिए रास्ता बनाना शुरु कर दिया। ऐसा करता देख स्कूली शिक्षा भी छाता संभाले बाहर आ गए और रास्ते से गुजरने राहगीर भी रुककर उसका कारनामा देख रहे थे।

अब तक नही हुआ समस्या का समाधान – आंगनबाडी सहायिका
पिछले साल भी स्कूल में ऐसी ही जलभराव की स्थिति थी। तब भी मीडिया के कवरेज के बाद नगर निगम ने तत्कालीन राहत के कुछ प्रयास किए थे लेकिन इस बार फिर ऐसी ही समस्या शुरु हो गई है। स्कूल परिसर में पानी जमा होने के कारण गिरने, फिसलने की आशंका से भयभीत बच्चे विद्यालय आना बंद भी कर सकते हैं। सभी की जानकारी में होने के बावजूद स्कूल परिसर से जलभराव की समस्या का स्थाई निदान नहीं हो पा रहा।

एमआईसी बैठक में करेंगे समीक्षा- महापौर
इस संबंध में महापौर मधुबाई चौहान का कहना था कि छोटे बच्चों के स्कूल में जलभराव की समस्या गंभीर है। साथ ही अगर नाली न बनने अथवा नाली जाम होने से वार्ड में पानी जमा हो रहा है तो यह निगम प्रशासन की लापरवाही है। एमआईसी की बैठक में वार्ड 28 की इन परिस्थितियों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई कराने हेतु प्रस्ताव बनाया जाएगा।

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