रायगढ़

श्री अग्रसेन सेवा संघ की पहल रंग लाई,नगर के सर्व समाज ने पोरथ धाम को अपनाया

नगर का हिन्दू समाज अपने परिजनों की पोरथ में अस्थि विसर्जित करने लगा

रायगढ़ 1 जुलाई: हिन्दू धर्म मे किसी मानव की मृत्यु के बाद उसकी अस्थियों को संगम (जल) में प्रवाहित किया जाता है। परिवार के सदस्य अपने परिवारो की अस्थियों इलाहाबाद,बनारस और हरिद्वार आदि जगह लेजा कर गंगा में उस अस्थियों को विसर्जित करते है ताकि मृतात्मा को मोक्ष की प्राप्ति हो सके। आज के दौर में जहाँ लोगो के पास समय नही है वही परिवार भी सीमित होते जारहे है,आजकाल परिवार में केवल तीन या चार सदस्य होते है।ऐसे में इलाहाबाद या कही बाहर जाना संभव नही हो पाता।

रायगढ़ के अग्रसमाज की अग्रणीय संस्था श्री अग्रसेन सेवा संघ ने आज की व्यस्ततम जीवन को देखते हुए सरिया के पास स्थित पोरथ में अस्थि विसर्जन केंद्र की 21 जून 2017 को स्थापना की थी। पोरथ इस प्राचीन तीर्थ स्थल है यह कभी पुलह ऋषि का आश्रम हुआ करता था,उनके आवाहन पर यहाँ माँ गंगा का चित्र अवतरित हुआ था इस लिए इसे चित्रोतपल्ला गंगा भी कहा जाता है साथ ही भोलेनाथ का स्वयम्भू लिंग यहाँ विराजमान है जिसे किसी ने स्थापित नही किया।यहाँ पर महा नदी और मांड नदी का संगम है जो अंत मे गंगा सागर में लीन हो जाती है।इस लिए पिछले काफी समय से उड़ीसा तटवर्तीय इलाके के लोग यहाँ अस्थि विसर्जित करते आरहे है।

संस्था के अध्यक्ष मुकेश मित्तल कलानोरिया ने बताया कि पोरथ एक धार्मिक और पौराणिक धर्मस्थली है।यहाँ प्राचीनकाल से मकर संक्रांति का तीन दिवसीय भव्य मेला यहाँ लगता है जिसमे लाखो की तादात है उड़ीसा और छत्तीसगढ़ के लोग यहाँ स्नान करते है और भोलेनाथ के दर्शन करते है।इन सब चीजों को देखते हुए पोरथ धाम का प्रचार प्रसार किया गया और वहाँ अस्थि विसर्जन केंद्र का निर्माण कराया गया है।बहुत से समाज के लोगो द्वारा पोरथ में विसर्जन के साथ कर्मकांड, दशकर्म और पित्रपक्ष में श्राद्ध भी किया जाता है।

संस्था के सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश निगानिया ने बताया कि नगर में निवासरथ बहुत से प्रतिष्टित हिन्दू परिवारों और समाजो ने पोरथ में अपने परिजनों की अस्थियों का विसर्जन किया है जिसमे मुख्यरूप से आशाराम सवड़िया परिवार,मुन्नासाधु (रामकुमार वकील) परिवार,निगानिया परिवार,मित्तल कलानोरिया परिवार,रतेरिया परिवार,डालमिया परिवार,बडालिया परिवार,बंसल परिवार, आठले परिवार,भट्ट परिवार,कुरुक्षेत्रिय शर्मा परिवार,सिख समाज,सिदार समाज,टंडन समाज,शर्मा परिवार,यादव समाज,श्रीवास्तव परिवार,,पटेल समाज,राठौर समाज,देहरी समाज आदि गए है और जाकर तृप्त हुए है।

संस्था के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप गर्ग ने बताया कि पोरथधाम की पौराणिक मान्यताओं और प्राकृतिक सौंदर्य को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने इस क्षेत्र को पर्यटन स्थल घोषित किया है और इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की रूपरेखा तैयार की जारही है।पोरथ कि प्राकृतिक सुंदरता के कारण लोग रहा पिकनिक मनाने भी जाते है।श्री अग्रसेन सेवा संघ द्वारा पोरथधाम की देख रेख नियमित की जारही है साथ ही पोरथ में सदानंद बेहरा द्वारा देखरेख की जारही है उनके द्वारा वहाँ पंडित,नाव,भोजन आदि सभी चीज की व्यवस्था की जाती है।

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