छत्तीसगढ़

सेंट्रल जेल में इस बीमारी ने मचा रखी है तबाही, 200 से अधिक बंदी आए इसके चपेट में

अंबिकापुर. अंबिकापुर सेंट्रल जेल में डायरिया बीमारी के चपेट में आने वाले बंदियों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। बताया जा रहा है कि इस बीमारी से २०० से ज्यादा बंदी ग्रसित हो गए हैं और इनमें से 30 को जेल अस्पताल में और 65 को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सोमवार की शाम तो अस्पताल में भर्ती एक और बंदी ने दम तोड़ दिया जिससे उल्टी-दस्त से मौत का आंकड़ा दो पहुंच गया।

गौरतलब है कि अंबिकापुर केंद्रीय जेल में फैला डायरिया अब बेकाबू होते जा रहा है। उल्टी-दस्त से पीडि़त जशपुर के बंदी गोपाल राम ने सोमवार की शाम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दम तोड़ दिया। उसे सुबह ही हालत बिगडऩे पर भर्ती कराया गया था। इससे पहले भी १६ मई एक बंदी पालन लोहार की मौत हो गई थी। वहीं इस बीमारी से लगभग 200 से अधिक बंदी ग्रसित हो चुके हैं। बड़ी संख्या में बंदियों का उपचार मेडिकल कॉलेज व जेल के अस्पताल में जारी है। बंदी तेजी से संक्रामक बीमारी की चपेट में आ रहे हैं, इससे जेल प्रबंधन की भी लापरवाही उजागर हो गई है, अभी तक किसी प्रकार का कोई हेल्थ कैंप नहीं लगाया गया है। वहीं जेल में बीमारी के दस्तक देने के बाद भी प्रबंधन ने त्वरित ढंग से कोई उपाए नहीं किए जिससे अब हालात बेकाबू नजर आ रहे हैं। अब जेल महकमे में भी हड़कंप मच गया है। अस्पताल में भर्ती कई बंदियों की हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टर भी उनकी हालत पर चिंता जता रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस मामले पर डीआईजी जेल केके गुप्ता ने कुछ दिन पूर्व अंबिकापुर जेल सुपरिटेंडेंट को नोटिस जारी कर कारण पूछा है। साथ ही डीआईजी जेल ने स्थानीय प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया है कि जेल में हेल्थ कैंप लगाने व पानी की जांच कराएं ताकि इस बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सके।

पीडि़त 70 लौटे, 65 फिर भर्ती
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के डाक्टरों ने बताया कि 70 पीडि़त बंदी डिस्चार्ज होकर जेल लौट चुके हैं, लेकिन 65 फिर भर्ती हुए हैं। इनमें से कुछ वे भी हैं जो डिस्चार्ज होकर जेल लौट गए थे, मतलब वे फिर से डायरिया की चपेट में आ गए। डॉक्टरों ने इस स्थिति पर चिंता जताई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close
Close