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खेलो इंडिया : 200 मीटर रेस में चनवीर ने दिलाया पंजाब को पहला गोल्ड

नई दिल्ली : आखिरकार नई दिल्ली में चल रही खेलो इंडिया प्रतियोगिता में पंजाब का खाता खुल ही गया। पंजाब की चनवीर कौर ने

200 मीटर रेस में गोल्ड मेडल जीता है। इस स्पर्धा में चनवीर ने 24.76 सेकेंड का समय निकाला। दूसरे स्थान पर केरल की एंसी

सोजन रही। जबकि तीसरे पर सैंट्रा टेरेसा मार्टिन। इसी तरह जैवलिन थ्रो में भी पंजाब को जश्रप्रीत कौर ने ब्रॉन्ज दिलवाया। जश्रप्रीत ने

37.10 मीटर थ्रो फेंककर ब्रॉन्ज झटका। वहीं इस स्पर्धा में हरियाणा की ज्योति ने 40.59 ने गोल्ड, दिल्ली आहोना रॉय ने 39.9 मीटर

थ्रो फेंककर सिल्वर मेडल प्राप्त किया। केरल की 16 साल की एंसी ने दो पदक जीतकर अपने प्रदेश की अच्छे जम्पर की परंपरा को

बनाए रखा है। उन्होंने ऊंची कूद में 5.80 मीटर की दूरी मापी। उन्होंने बालिकाओं की 200 मीटर स्पर्धा में रजत पदक जीता।

सी प्रवीण ने तिहरी कूद में जीता स्वर्ण
इसी तरह तमिलनाडु के सी. प्रवीण लंबी कूद में दो स्वर्ण पदक जीत सकते थे, लेकिन हरियाणा के भूपेंद्र सिंह ने उन्हें ऐसा करने से

रोक दिया। वहीं, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेली जा रही इस स्पर्धा में भाला फेंक में महाराष्ट्र के विकास यादव ने 75.02 की थ्रो

के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। प्रवीण ने एक दिन में दो पदक जीतने के मामले में स्प्रिंटर-जम्पर एंसी सोजान और जम्पर

सैंड्रा बाबू के साथ खड़े हो गए। प्रवीण ने तिहरी कूद में स्वर्ण जीता तो लंबी कूद में रजत पदक पर कब्जा जमाया। एंसी ने लंबी कूद

में स्वर्ण जीता तो 200 मीटर में रजत पदक अपने नाम किया। सैंड्रा ने लंबी कूद में और तिहरी कूद में रजत पदक अपने नाम किया।

लंबी कूद में भूपेंद्र ने किया शानदार प्रदर्शन
लंबी कूद के खिलाड़ी भूपेंद्र ने दो शानदार जम्प का प्रदर्शन किया और 6.99 मीटर और 7.04 मीटर की दूरी नापी जबकि प्रवीण ने

6.93 मीटर के साथ रजत पदक पर कब्जा जमाया। इससे पहले प्रवीण ने तिहरी कूद में जीत हासिल की थी। तिहरी कूद और लंबी

कूद में दो पदक जीतने के बाद बालाकृष्णनन मार्टिक्यूलेशन स्कूल के छात्र प्रवीण काफी खुश थे। उन्होंने कहा- खेलो इंडिया गेम्स के

माध्यम से भविष्य की तैयारी का जो मौका दिया जा रहा है वह शानदार है। सभी प्रतिभागी इसे लेकर उत्साहित हैं। ‘‘विजेता भूपेंद्र

ने जो इस समय कक्षा 10वीं में पढ़ रहे हैं और डिवाइन लाइट स्कूल के छात्र हैं, ने कहा- मेरे खेल में मेरे माता-पिता ने हमेशा मेरा

साथ दिया है। पंचकुला के युवा मामले और खेल विभाग के कोच गंगा दत्त मेरे साथ हैं। मैंने उनके मार्गदर्शन में ही कक्षा आठ से खेल

को गंभीरता से लेना शुरू किया था। ‘‘उन्होंने कहा- मैं 2018 में होने वाले ग्रीष्मकालीन यूथ ओलम्पिक खेलों के लिए उत्साहित हूं

जो म्यूनस आयर्स में अक्टूबर में होने हैं। लेकिन इससे पहले मुझे भारतीय एथलेटिक्स संघ के यूथ नेशनल के लिए क्वालीफाई करना

होगा।

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