रायगढ़

बर्खास्ती पर आदेश मिलने के बाद भी नही कर पा रहे कोई कार्रवाई आयुक्त

रायगढ़ टॉप न्यूज 30 दिसंबर। रायगढ़ नगर निगम में काम करने वाले 50 कर्मियों की बर्खास्ती के मामले में अब अदालत के चलते पेज फंस गया है तथा कर्मचारियों की बर्खास्ती पर आदेश मिलने के बाद भी निगम आयुक्त कोई कार्रवाई नही कर पा रहे हैं, चूकि यह मामला लगभग 2 साल से अधिक पुराना है और प्रारंभ से ही निगम की इस भर्ती के पीछे आरोप लगते आए थे साथ ही साथ जिन 50 कर्मियों को नियमित किया गया था वे सभी उसी वक्त अपने उपर बर्खास्ती की तलवार लटकते देख अदालत की शरण में पहुंच चुके थे। हाईकोर्ट में दायर अपील के चलते अभी भी ये सभी कर्मचारी बकायदा निगम का काम काज निपटा रहे है जबकि नगरीय निकाय मंत्री ने सप्ताह भर पहले ही समीक्षा बैठक के दौरान इनकी बर्खास्ती के आदेश जारी किए थे। मजे की बात यह है कि बैठक से लौटने के बाद निगम आयुक्त विनोद पांडेय इस बात को लेकर पेशोपेश में है कि काम करने वाले कर्मचारियों का मामला अदालत में लंबित है और इसलिए सीधे-सीधे बर्खास्ती का नोटिस भी नही जारी कर पा रहे हैं। उनका कहना है कि इस मामले में अब न्यायालय में चल रहे मामले को जल्द से जल्द खत्म करने का प्रयास होगा चूंकि हाईकोर्ट मामला काफी समय से लंबित है साथ ही साथ इसमें देरी न हो इसका प्रयास किया जाएगा और अब सुनवाई में तेजी लाने के लिए निगम अपनी तरफ से पहल करके बर्खास्ती का मामला निपटाएगी। बातचीत के दौरान निगम आयुक्त ने कहा कि 50 कर्मियों के एक साथ बर्खास्ती होनें से निगम का काम काज आंशिक रूप से प्रभावित होगा और इसके लिए शासन के दिशा निर्देश का पालन करना भी अनिवार्य है। वहीं मंत्री द्वारा जारी आदेश पर कांगे्रस के पार्षद संजय देवांगन चुटकी लेते हुए यह आरोप लगा रहे हैं कि अगर कर्मचारियों की नियुक्ति अवैध थी तो राज्य शासन से अनुमती क्यों दी गई और इसमें जो भी अधिकारी दोषी थी उन पर कार्रवाई होनी चाहिए न कि कर्मचारियों पर कांगे्रस पार्षद का यह भी आरोप है कि इस मामले में जान बूझकर अपनी गलती छुपाने के लिए मंत्री ऐसे आदेश जारी कर रहे हैं।

advertisement advertisement advertisement advertisement advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close
Close