रायगढ़

तृतीय लिंग वर्ग के प्रति संवेदनशीलता पर कार्यशाला आयोजित

रायगढ़ पुलिस ने किया आयोजन, SP मीणा के साथ प्रशासनिक अधिकारी और किन्नर हुए शामिल

कार्यशाला में किन्नरों के संघर्ष और सफलता पर शार्ट फिल्म भी दिखाई गई

रायगढ़ टॉप न्यूज 30 दिसंबर। रायगढ़ पुलिस ने तृतीय लिंग वर्ग के प्रति संवेदनशीलता के विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित इस जागरूकता के कार्यक्रम में SP बी एन मीणा, प्रशासनिक अधिकारी प्रतिमा यादव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से विवेक गर्ग,  अतिरिक्त जिलाध्यक्ष श्रीमती रोक्तिमा यादव, नगर निगम के सभापति सलीम नियारिया और अन्य पुलिस के अधिकारी मौजूद, करीब एक दर्जन किन्नर समुदाय के लोग भी शामिल थे। कार्यक्रम की शुरुवात किन्नरों पर आधारित एक शार्ट फिल्म दिखाकर की गई। जिसमें समाज में उनके प्रति भेदभाव, संघर्ष और सफलता की कहानी को दिखाया गया। कार्यक्रम ने मौजूद अतिथियों ने तृतीय लिंग को भी समाज का एक हिस्सा बताते हुए उनसे भेदभाव नहीं करने की बात कही।  वहीं हर संभव मदद करने की बात कही।

 

          तृतीय लिंग समुदाय की सदस्या विद्या राजपूत इस कार्यशाला में उपस्थित होने के लिये खासतौर से रायपुर से आकर उपस्थित हुई । इनके साथ इनके समुदाय के स्थानीय सदस्य राखी, नंदनी, सुहाना, पार्वती, संध्या, सौम्या आदि भी कार्यशाला में उपस्थित हुए । कार्यशाला के प्रारंभ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री मीणा ने इस बात पर प्रसन्नता जाहिर किये कि इस समुदाय के सदस्यों के प्रति संवेदनशीलता और इनको समाज के मुख्यधारा में जोड़ने का सराहनीय काम रायगढ़ जिले में हुआ है और यही कारण है कि नगर की महापौर मधु बाई इस समुदाय की सदस्य है और इन्हें प्रथम नागरिक बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जिससे पूरे प्रदेश में इस समुदाय के सदस्यों को गौरव हासिल हुआ । मौके पर उपस्थित विद्या राजपूत जी से उन्होने अपील किया कि जब भी पुलिस थानों में इस समुदाय के सदस्य किसी भी कारण थाना पहुंचते है और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े यदि किसी सदस्य के साथ किसी प्रकार की असुविधा होने की स्थिति में   तत्काल हमें बताये, हम परेशानियों को दूर करने के लिये संकल्पित रहेंगे । इस समुदाय के प्रति संवेदनशीलता का परिचय देने की मिशाल रायगढ़ को प्राप्त हुई है, यह हमारे लिए प्रसन्नता का विषय है  ।
         कार्यशाला के मध्य में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रिकारिता विश्व विद्यालय रायपुर द्वारा निर्मित एक डाक्युमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया । इस फिल्म में समुदाय के सदस्यों के प्रति पर्याप्त भेदभाव और समाज में इनकी बढती उपयोगिता के बारे में विस्तार से चरित्रों को प्रदर्शित किया गया ।
      रायपुर की विद्या राजपूत ने किन्नरों की उपयोगिता महाभारत काल से बताते हुए बतायी कि महाभारत का एक पात्र शिखण्डी को पहली पुलिस होने का दर्जा प्राप्त है । उन्होने पुलिस के कार्यों की सराहना करते हुए संवेदनशील होने के कई मानवीय सेवा के उदाहरण दिये  । उन्होने इस बात की खुशी जाहिर करी कि पुलिस मुख्यालय से अभी हाल में ही जारी आरक्षकों की भर्ती में इस समुदाय के सदस्यों को भी मौका देने का अवसर दिया गया है और भर्ती होने के लिए अन्य संवर्ग सदस्यों की तरह इस समुदाय के सदस्यों को भी आमंत्रित किया गया है । कार्यक्रम का संचालन यू.बी.एस.चौहान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा किया गया । इस कार्यशाला में जिले के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारी, शहर के थाना प्रभारी एवं थानों के उप निरीक्षक एवं सहायक उप निरीक्षक उपस्थित थे ।

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