रायगढ़

10 रू. मासिक किराए के लिए 41 साल लडी लडाई

4 दशक के बाद आखिरकार मकान मालिक को मिला कब्जा

रायगढ़ टॉप न्यूज 28 दिसंबर। मात्र 10 रूपए मासिक किराए को लेकर हुए विवाद को लेकर एक पक्षकार द्वारा करीब चार दशक तक अदालत की लड़ाई लडऩे के बाद आखिरकार 41 वे वर्ष में अदालत ने मकान मालिक को कब्जा दिलाने का आदेश पारित किया है। इतनी लंबी चली अदालती लड़ाई का यह मामला शहर के ही वार्ड नंबर 14 गौशालापारा के एक मकान से संबंधित है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार फरवरी 1976से प्रारंभ हुए इस विवाद में मकान मालिक विनोद कुमार गुप्ता अधिवक्ता और किराएदार रामलेख प्रसाद के बीच प्रारंभ हुए दीवानी मुकदमे में माननीय छ.ग. उच्चन्यायालय द्वारा मकान मालिक को 11 अक्टूबर 17 को किराएदार से कब्जा दिलाने का आदेश पारित हुआ दिवानी मुकदमे की इस लंबी लडाई में वादी की ओर से पैरवी करने वालों में रायगढ़ के प्रख्यात अधिवक्ता स्व. दिनेश कुमार श्रीवास्तव महावीर प्रसाद अग्रवाल विजय कुमार गुप्ता उच्चन्यायालय के अधिवक्ता रविन्द्र श्रीवास्तव की है। 1988 से बंद पड़़े इस मुकदमे को रायगढ़ के वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद कुमार गुप्ता ने पुन: खुलवाया। सन 2013 को फिर अधिवक्ता वी.के.गुप्ता ने लगातार माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय माननीय छ.ग. उच्चन्यायालय जाकर सभी दस्तावेज को इकट्टा करते हुए रायगढ़ के चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में मामले कि पैरवी प्रारंभ की जिसमें माननीय छ.ग.उच्चन्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता नसीर अहमद एवं अधिवक्ता संघ के वाचनालय से कानूनी पुस्तकों का गहन अध्ययन करते हुए इस मुकदमें की पैरवी की जिसमें उनका साथ नसीर अहमद एवं विनीत कुमार पान्डे ने सहयोग प्रदान किया इन्होंने इस मुकदमे की पैरवी भी की है। इस मुकदमे का रोचक पहलु यह है कि मात्र 10रूपए प्रतिमाह के किराए एवं कब्जे के लिए वादी एवं प्र्रतिवादी अपनी वर्चस्व कि लड़ाई के लिए 41 वर्षो तक समय एवं अपनी जमा पूजी व्यय करते रहे। आखिरकार 41 वर्ष बाद न्यायालय ने इस बहुप्रतिक्षित मामले में मकान मालिक को विवादित मकान का कब्जा दिलाने का आदेश पारित किया है।

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