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भाजपा के दिग्गज पहुंचे श्री राम कथा के समापन में

सुनील रामदास को 25 किलो की माला भेंट की गई

आरएसएस के विचारक डा. कृष्ण गोपाल, मंत्री साय, सांसद नेताम ने सुनील-बबिता को दिया आशीर्वाद
रायगढ़ टॉप न्यूज 22 नवंबर। अतुल कृष्ण भारद्वाज के श्रीमुख नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आज गरिमामय समापन हुआ। कथा व्यास ने आज के राज तिलक प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। समापन अवसर पर सुनील रामदास द्वारा आयोजित इस कथा यज्ञ में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल, केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय, राज्यसभा सांसद – रामविचार नेताम, दिलीप सिंह जुदेव के सुपुत्र प्रबल प्रताप सिंह, संसदीय सचिव सुनीति राठिया, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक बाबूलाल अग्रवाल, अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के राष्ट्रीय चेयरपर्सन प्रदीप मित्तल नई दिल्ली, रायगढ़ के पूर्व एसपी एवं पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी – श्री डीजी कापदेव (आईपीएस)-भोपाल, प्रतिष्ठित साहित्यकार – गिरीश पंकज रायपुर, पत्रकार हिमांशु द्विवेदी रायपुर, योगेश अग्रवाल रायपुर, संजय चौधरी रायपुर, दिनेश जिंदल दिल्ली, ऋतु शर्मा रायपुर, पूर्व आईपीएस आरसी पटेल, राजेश शर्मा एवं बजरंग अग्रवाल खरसिया पधारे हुए थे। छग भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, सह-संगठन मंत्री पवन साय, सारंगढ़ विधायक केराबाई मनहर ने कथा श्रवण किया। मंत्री अजय चंद्राकर एवं मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने दूरभाष पर सुनील रामदास को शानदार आयोजन और वर्षगांठ दी।
आरएसएस के सह सरकार्यवाह डा. कृष्ण गोपाल पहुंचे आशीर्वाद देने
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाह डा. कृष्ण गोपाल आज रायगढ़ पधारे हुए थे। वे कथा श्रवण करने कथा स्थल पधारे हुए थे। अतुल कृष्ण भारद्वाज के अनुरोध पर श्रद्धालुओं के विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए डा. कृष्ण गोपाल ने भारतीय संस्कृति में भगवान राम के जीवन दर्शन की भूमिका पर प्रकाश डाला और गरिमामयी आयोजन की सराहना की।
विष्णु साय ने की सराहना
केंद्रीय मंत्री विष्णुवेद साय ने अपने संबोधन में सुनील रामदास को वर्षगांठ की बधाई देते सेवाभावी व्यवहार की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके जैसा व्यक्ति मिलना विरले ही है। श्री साय ने कहा कि सुनील सेवा के लिए आगे रहते हैं। श्रीराम कथा की सफलता और श्रद्धालुओं की यह विशाल संख्या देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितनी मेहनत की गई है और उनका व्यवहार कितना अच्छा है। सुनील के धार्मिक, सामाजिक, और व्यावहारिक कार्यों के कारण इतने बड़े-बड़े लोग इस रामकथा में उपस्थित हुए।
राज्यसभा सांसद – रामविचार नेताम ने दी बधाई
राज्यसभा सांसद – रामविचार नेताम ने शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सुनील रामदास द्वारा रायगढ़ और मथुरा में वृक्षारोपण करने के संकल्प की प्रशंसा की और उन्हें हृदय से इसी तरह कार्य करते रहने के लिए प्रेरित तथा वर्षगांठ शुभकानाएं दीं।
भावुक हुए सुनील रामदास
रामकथा के अवसर पर लोगों द्वारा दिए गए स्नेह के सुख के क्षण पर उनकी आंखें भर आईं। उन्होंने भरी आंखों से गुरु अतुल कृष्ण भारद्वाज के आशीर्वाद और राम की महिला का बारंबार उल्लेख किया और यह सब उन्हीं कि कृपा से संभव हुआ है। कथा में पधारे सभी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, अतिथियों और परिजनों के प्रति दिल से आभार प्रकट किया।
रामदास अग्रवाल अपने उद्बोधन के समय बहुत ही भावुक हो गए। उन्होंने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन कभी-कभी ही हो पाते हैं। सुशील रामदास ने संचालन करते हुए कहा कि 9 दिनों तक पूरा रायगढ़ राममय हो गया था। रायगढ़ और अंचलवासी बड़ी संख्या में रोजाना रामकथा सुनने पहुंचे उसके प्रति हम सदैव आभारी रहेंगे।
अतुल कृष्ण भारद्वाज द्वारा दम्पति और परिवार को आशीर्वाद
अतुल कृष्ण भारद्वाज द्वारा दम्पति बबीता-सुनील रामदास और परिवार को आर्शीवाद प्रदान किया। कथा व्यास ने इस अवसर पर रामदास परिवार के मुखिया रामदास, द्रौपदी देवी, अनिल रामदास, अंकिता रामदास, सुशील रामदास, नीलम अग्रवाल, अनंत अग्रवाल, कविता रामदास, सेजल, अभिषेक, ईशा, आदित्य, ईशान, अभिनव, अदवित, अार्यमन, अश्विन, अंशिका, अनोष्का को आशीर्वाद प्रदान किया।
सदा होता धर्म का विजय 
कथा व्यास द्वारा अन्तिम दिवस की श्री राम कथा का वर्णन करते हुए कहा गया कि दूसरों की सम्पत्ति चाहे कितनी भी मूल्यवान हो उस पर हमारा कोई अधिकार नहीं है।चौदह वर्ष वनवास पूर्ण करने के पश्चात भगवान श्रीराम जब वापस अयोध्या पहुंचे तो अयोध्यावासी खुशियों से झूम उठे। कथा व्यास पूज्य अतुल कृष्ण भारद्वाज ने श्रद्धालुओं से कहा कि रामायण हमें जीने के तरीके सिखाती है।
रामायण हमें आदर सेवा भाव, त्याग व बलिदान के साथ दूसरों की सम्पत्ति पर हमारा कोई अधिकार नहीं है, ऐसा सिखाती है। यह ज्ञान भी देती है। श्री राम कथा की अमृत वर्षा की शुरूवात हुई। पूज्य व्यास द्वारा सीता हरण, लंका दहन, राम रावण युद्ध व विभिषण का राज्यभिषेक प्रसंग की व्याख्या मार्मिक की गई।
कथा व्यास ने बताया जिस प्रकार भगवान श्रीराम ने दीन-दुखियों, वनवासियों आदिवासियों के कष्ट दूर करते हुए, उन्हें संगठित करने का कार्य किया एवं उस संगठित शक्ति के द्वारा ही समाज में व्याप्त बुराईयों को दूर किया।
हर राम भक्त का दायित्व है कि पुनित कार्य में पना सहयोग प्रदान करे। यह राम कार्य है। श्रीराम के राज्यभिषेक का वर्णन किया और बताया कि बुराई और असत्य ज्यादा समय तक नहीं चलता। अन्तत: अच्छाई और सत्य की जय होती है। अधर्म पर धर्म की जीत हमेशा होती आयी है। श्रीराम जी के राज्यभिषेक के प्रसंग के दौरान पूरे पंडाल में पुष्पों की वर्षा भक्तों के द्वारा और सभी भक्त राम जी की भक्ति में जमकर झूमती नजर आयी।
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