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शानदार फॉर्म के बावजूद पृथ्वी शॉ नहीं चुने गए एशिया कप की टीम में

नई दिल्ली : अपनी दमदार बल्लेबाजी के कारण चर्चा में आए युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ का चयन अगले महीने होने वाले अंडर-17 एशिया कप के लिए नहीं हुआ है. इसके पीछे कारण भी जान लीजिए. दरअसल बीसीसीआई की जूनियर चयनसमिति ने क्रिकेट की सनसनी बने 17 वर्षीय बल्लेबाज पृथ्वी शॉ को मलेशिया में अगले महीने होने वाले एशिया कप की टीम में नहीं चुनने का फैसला किया है. ताकि वह रणजी ट्राफी में अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रख सकें. शॉ ने अगस्त में इंग्लैंड दौरे के दौरान सीमित ओवरों की श्रृंखला में भारत अंडर-19 टीम का नेतृत्व किया था.

बीसीसीआई ने अपने बयान में कहा, ‘चयनकर्ताओं की राय थी कि हाल में दलीप ट्राफी में फाइनल में शतक (154 रन) बनाने वाले 17 वर्षीय पृथ्वी शॉ को रणजी ट्रॉफी में खेलना चाहिए.’ बीसीसीआई एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा कि यह फैसला भारत-ए और अंडर-19 कोच राहुल द्रविड़ से परामर्श करने के बाद लिया गया, जिनका मानना था कि मुंबई के इस युवा बल्लेबाज को रणजी ट्राफी पर अधिक ध्यान देना चाहिए.
शॉ की अनुपस्थिति में हिमांशु राणा अंडर-19 टीम की अगुवाई करेंगे. एशिया कप नवंबर में मलेशिया में होगा. पहले यह टूर्नामेंट भारत में होना था, लेकिन पाकिस्तान ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर यहां आने से इन्कार कर दिया था.
टीम : हिमांशु राणा (कप्तान), अभिषेक शर्मा (उपकप्तान), अथर्व ताइडे, मनजोत कालरा, सलमान खान, अनुज रावत, हार्विक देसाई, रियान पराग, अंकुल राय, शिव सिंह, तनुष कोटियान, दर्शन नालकांडे, विवेकानंद तिवारी, आदित्य ठाकरे, मनदीप सिंह.

सचिन तेंदुलकर से होती है तुलना
पिछले महीने लखनऊ में दिलीप ट्राफी के अपने डेब्‍यू मैच में पृथ्‍वी शॉ ने शतक जमाया था. इंडिया रेड की ओर से खेलते हुए इस युवा बल्‍लेबाज ने अपने डेब्‍यू को सफल कर दिया. इससे पहले रणजी ट्रॉफी के पहले ही मैच में भी पृथ्‍वी शॉ ने शतक बनाया था. घरेलू क्रिकेट में अब उन्‍होंने इस मामले में मास्‍टर ब्‍लास्‍टर सचिन तेंदुलकर की राह पकड़ ली है. रणजी ट्रॉफी और दिलीप ट्रॉफी के फाइनल में 18 वर्ष से कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी होने का रिकॉर्ड भी उनके नाम पर है.

सचिन ने भी रणजी, ईरानी और दिलीपी ट्रॉफी के डेब्‍यू मैच में शतक बनाए थे. पृथ्‍वी शॉ ने रणजी और दिलीप ट्रॉफी के पहले ही मैच में शतक बना दिया है. अब उनकी निगाहें ईरानी ट्रॉफी पर होंगी. मुंबई का ये बल्‍लेबाज उस समय भी चर्चा में आया था, जब उसने अपने पहले रणजी ट्रॉफी मैच में ही शतक ठोककर तेंदुलकर के कमाल को दोहराया था.

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