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सारडा के खिलाफ ग्रामीणों ने की आर्थिक नाकेबंदी, कोलवाशरी के बाहर चक्काजाम कर कोल खनन किया ठप

11/5/2014 3:53 AM 11/5/2014 3:09 AM 11/5/2014 3:12 AMरायगढ़ टॉप न्यूज 05 नवंबर। तमनार ब्लाक के सरईटोला में स्थापित सारडा एनर्जी के खिलाफ प्रभावित गांवों के शताधिक ग्रामीणों ने मोर्चा खोलते हुए कंपनी के बाहर आर्थिक नाकेबंदी करते हुए चक्काजाम, आंदोलन शुरू करके कोयला उत्खनन ठप कर दिया है। प्रदर्शनकारी ग्रामीण सात सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहें है।

तमनार ब्लाक के बजरमूडा व सरईटोला गांव के आसपास संचालित सारडा एनर्जी प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाने वाले ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी के कारण प्रभावित परिवार के एक नामित सदस्य को रोजगार नही दिया गया है। कंपनी के कोल खनन क्षेत्र में ब्लास्टिंग के कारण लोगों के घरों में दरारे आ रही है। कृषकों को भू-अधिग्रहण व पूर्नवास नीति के तहत प्रभावित भूमि को दोबारा कृषि योग्य बनाकर नही दिया जा रहा है तथा सड़क निर्माण व स्कूल अस्पताल की व्यवस्था करने की अनदेखी की जा रही है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने इन मांगों को लेकर गत 10 अक्टूबर को चक्काजाम व धरना आंदोलन शुरू किया था। जिसके बाद कंपनी प्रबंधन द्वारा प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में 4 बिंदुओं पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था मगर आंदोलन थमते ही कंपनी ने इन वादों को भूला दिया जिससे रूष्ट होकर बजरमुडा व सरईटोला के शताधिक ग्रामीणों ने कल से कोलवाशरी गेट के सामने फिर से चक्काजाम करते हुए आर्थिक नाकेबंदी करके कोल उत्खनन ठप कर दिया है। इन ग्रामीणों ने कल 4 नवंबर को दिन भर आंदोलन जारी रखा और कंपनी के खिलाफ नारेबाजी भी की, इस दौरान तहसीलदार तमनार थाना प्रभारी मय स्टाफ उपस्थित रहे और ग्रामीणों को समझाईश देकर धरना स्थल से हटाने का प्रयास किया मगर प्रदर्शनकारी ग्रामीण अपनी मांग पर डटे रहे। ग्रामीणों ने अपनी मांग पूरी नही होनें पर आगे भी प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी है।
तहसीलदार ने मीडियाकर्मियों से की बदसलूकी
सारडा कंपनी के खिलाफ ग्रामीणों के धरना प्रदर्शन की सूचना मिलने पर जिला मुख्यालय से कुछ मिडिया कर्मी कवरेज के लिए धरना स्थल पर पहुंचे तब क्षेत्र के तहसीलदार आर.एन. पांडेय कंपनी के भीतर ही डेरा डाले हुए थे। पत्रकारों को ग्रामीणों ने बताया कि उक्त प्रशासनिक अधिकारी जब से यहां पहुंचे है प्रदर्शनकारी ग्रामीणों से चर्चा करने के स्थान पर कंपनी परिसर में घुसकर बैठे हुए है और कंपनी के अधिकारियों से न जाने उनकी कैसी गुपचुप वार्ता चल रही है कि खत्म होनें का नाम नही ले रही है। संभवत: पत्रकारों व ग्रामीणों की बातें तहसीलदार साहब तक भी पहुंच गयी और जैसे ही वे कंपनी से बाहर निकलकर धरना स्थल पर पहुंचे तो इलेक्ट्रानिक मिडिया के कुछ मिडियाकर्मियों ने जब प्रदर्शन के विषय पर उनसे चर्चा (बाईट)करनी चाही तब उक्त अधिकारी ने मिडिया का लोगों लेकर अधिकारी के बगल वाली कुर्सी में बैठने वाले पत्रकार को कुर्सी से जबरन उठा दिया और अपने अधिकारी होनें का रूआब दिखाते हुए खडे होकर बाईट लेने की बात कही। संबंधित तहसीलदार की इस बदसलूकी से इलेक्ट्रानिक व प्रिंट मिडिया के पत्रकार सकते में है और इस विषय को लेकर जल्द ही जिले के पत्रकारों का एक प्रतिनिधि मंडल जिलाधीश से मिलने वाला है।

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